पारे के तेवर होते जा रहे तल्ख

 

फनी तूफान से कुछ राहत मिलने की उम्मीद

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। पारे की रफ्तार बढ़ती ही जा रही है। सोमवार 29 अप्रैल को 43 डिग्री सेल्सियस के बाद मंगलवार 30 अप्रैल को दिन में अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार के बाद मंगलवार को भी गर्मी के तेवरों ने लोगों को बेहाल कर दिया।सुबह आठ बजे लोगों को धूप की तपिश में खड़ा होना मुश्किल हो रहा था। दिन चढ़ने के साथ ही चटख धूप ने तापमान को बढ़ा दिया।

मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि चैन्नई से लगभग 800 किलो मीटर दूर दक्षिण और पूर्व दिशा में समुद्र के बीचोंबीच फनी (सायक्लोन) 11 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। दक्षिण के राज्यों में इसका सबसे ज्यादा असर होगा। वहीं उड़ीसा में नुकसान की आशंका भी जतायी है। उधर, फनी का असर शहर में भी आँधी और बारिश के रूप में पड़ सकता है, जिससे गर्मी के तेवरों में कमी आ सकती है।

वैसे इन दिनों आसमान से आग बरस रही है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद भी अपने जरूरी कामों को निपटाने के लिये लोगों को घरों से बाहर निकलना ही पड़ रहा है।

इस आसमानी आग से बचने के लिये लोग अपनी – अपनी तरह के उपाय भी कर रहे हैं। कोई गमछा लपेटकर चल रहा है, तो कोई छाता लेकर चल रहा है। इसके विपरीत रोज कमाने खाने वाले अपने ढंग से बचाव का उपाय करते हुए इस बरसती आग में अपने आप को झुलसाने के लिये मजबूर हैं। दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस एवं रात का तापमान 22 डिग्री के आसपास चल रहा है।

सुबह से लेकर दोपहर तक शहर के मध्य के किसी भी मार्ग से निकलना मुश्किल हो रहा है। सूर्य की तपन दिन भर रहने के बाद रात में उमस हो रही है।

भीषण गर्मी से राहत पाने के लिये लोग तरह – तरह के और भी उपाय कर रहे हैं। ठण्डे पानी का उपयोग पीने के लिये और इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स, आईसक्रीम, गन्ने का रस तथा रसदार फलों का सेवन करके उनके द्वारा राहत पाने की कोशिश की जा रही है। गर्मी का यह मौसम लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालने वाला माना जाता है।

इस मौसम में खान पान में की गयी जरा सी चूक व्यक्ति को परेशानी में डाल सकती है। इस मौसम में विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती ही है। सामान्य तौर पर स्वस्थ्य रहने वाले व्यक्तियों को भी सावधानी रखना आवश्यक है। चिकित्सकों का कहना है कि घर से निकलते समय शीतल पानी पीकर ही निकलना चाहिये। खाने पीने का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

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