फूलने लगीं पालिका के ट्रैक्टर्स की साँसें

 

 

ठेकेदार की गोद से उतरने तैयार नहीं प्रशासन!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। भगवान भास्कर के तेवर जैसे – जैसे तल्ख होते जा रहे हैं वैसे – वैसे पानी की माँग भी बढ़ती जा रही है। माँग और आपूर्ति के बीच नगर पालिका प्रशासन के द्वारा सामंजस्य स्थापित न किये जाने के चलते अब शहर में चारों ओर पानी का हाहाकार मचता दिख रहा है।

गर्मी के मौसम में तीज त्यौहारों के साथ ही साथ शादी ब्याह के चलते अब पानी की माँग में जमकर इजाफा हुआ है। वहीं, निर्माण कार्यों में भी पानी जरूरत महसूस की जा रही है। इधर, शहर में पानी की इस कदर किल्लत है, कि लोगों को ज्यादा कीमत देकर टैंकर से पानी लेना पड़ रहा है।

शहर में कहीं नगर पालिका के ट्यूबवेलों में भू, जल स्तर तेजी से नीचे खिसकने से तो कहीं नलों में कम प्रेशर आने से पानी सप्लाई होने के कारण जल संकट के हालात बनने लगे हैं। अभी अपै्रल महीना बीता है और शहर में चलने वाले पानी के निजि टैंकर्स के दाम 400 से 700 रुपये तक हो गये हैं। मजबूरी में लोगों को इन टैंकर्स से पानी खरीदकर अपना काम चलाना पड़ रहा है।

गर्मी की आहट के पूर्व दीगर जरूरी कार्यों में उलझी नगर पालिका के द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी पेयजल संकट से निपटने किसी तरह की ठोस कार्य योजना नहीं बनाये जाने के कारण हालात और भी बदतर होते जा रहे हैं। नगर पालिका परिषद द्वारा उपलब्ध टैंकर्स के माध्यम से माँग के मुताबिक नगर में पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका सीधा फायदा निजि टैंकर से पानी पहुँचाने वाले लोगों को मिल रहा है। निजि टैंकर से पानी देने वाले मुँहमाँगी कीमत भी पा रहे हैं।

अपै्रल के दूसरे पखवाड़े से शादी का सीजन आरंभ हो गया है। इसके साथ ही चुनाव की तिथियां भी इसी बीच होने से पालिका के टेंकर्स मतदान कर्मियों के रवाना होने वाले स्थल और जिन मतदान केंद्र में पानी की सुविधा नहीं थी, वहाँ लगवा दिये गये थे। इसके चलते पानी की किल्लत और भी ज्यादा अधिक बढ़ गयी थी।

इधर, शादी ब्याह के सीजन में हर स्थान से पानी के टैंकर के लिये लोग नगर पालिका में रसीद कटाने पहुँच रहे हैं, लेकिन टैंकर की कमी के कारण उन्हें समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मजबूरन लोग ज्यादा कीमत देकर निजि सप्लायर से पानी ले रहे हैं।

नवीन जलावर्धन का काम तीन साल विलंब से चल रहा है। विधायक दिनेश राय के द्वारा तय की गयी समय सीमा के एक साल बाद जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा तय की गयी समय सीमा से 62 दिन ज्यादा हो चुके हैं। इसके बाद भी सिवनी शहर में पानी की त्राहि त्राहि मची हुई है। हालात देखकर यही प्रतीत हो रहा है कि ठेकेदार के द्वारा अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को इस कदर उपकृत किया जा चुका है कि कोई भी ठेकेदार की गोद से उतरना ही नहीं चाह रहा है।

पालिका में सत्तारूढ़ भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रेम तिवारी एवं विपक्ष में बैठी काँग्रेस के जिला अध्यक्ष राज कुमार खुराना को भी इतनी फुर्सत नहीं मिल पा रही है कि वे अपने – अपने पार्षदों आदि को इसके लिये पाबंद करें कि जलावर्धन योजना के काम में लेट लतीफी करने वाले ठेकेदार को काली सूची में डाला जा सके। यही कारण है कि जिले की जनता पानी के मामले में त्राहिमाम त्राहिमाम करती नजर आ रही है।

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