डुंगरिया में तीन दिनी उर्स आज से

 

(पप्पू पुषाम)

भोमा (साई)। शहर में हिंदू मुस्लिम के मध्य आपसी भाईचारे के लिये मशहूर सूफी संत हज़रत किबला सूफी मुहम्मद कबीरूद्दीन औलिया शाह रूमवी कादरी चिश्ती अबुलउलाई जहाँगीरी रहमतुल्ला अलैह सरकार का पाँचवा सालाना उर्स बड़ी शान और शौकत के साथ गुरूवार 02 मई से आयोजित किया जा रहा है।

सिवनी शहर से मण्डला मार्ग पर 11वें किलोमीटर पर स्थित मजार शरीफ के पास इसका आयोजन किया जायेगा। अल्लाह के वलियों के मजारात का मोहब्बत और अमन का इतिहास है। समाज में आपसी भाई चारे को मजबूत करने का यह मरकज हैं। अल्लाह वालों की बारगाह में इंसानी बिरादरी के दरमियान कोई फर्क नहीं समझा जाता है।

उनका पैगाम मजहबों मिल्लत से ऊपर और तमाम इंसानों के लिये होता है। आज जब कि दुनिया में नफरत और नाइंसाफी जैसी खराबियां बढ़ रही हैं, तब औलिया और सूफियों की तालीम व उनके अमन के पैगाम की अहमियत और बढ़ जाती है। शहर की इस दरगाह की महफिल से वह मोहब्बत के पैगाम को दुनिया तक पहुँचाने की अपील करते हैं।

इस अवसर पर 02 मई को शाम 04 बजे शाही संदल हुज़ूर के घर डूण्डा सिवनी से निकलेगा और दरबार डुंगरिया शरीफ में सरकारी चादर पोशी और महफिल ए समा होगी। शुक्रवार 03 मई को शाम के समय आम चादर पोशी बाद नमाज़े इशा महफिल ए समा शब बेदारी होगी।

कार्यक्रम के अंतिम दिन शनिवार 04 मई को सुबह 09 बजे कुल शरीफ होगा। उसके बाद रंग महफिल और दुआयें खैर की जायेगी। तीनों दिन लंगर का एहतमाम किया गया है।

उर्स मुबारक की सारी तकरीबात (कार्यक्रम) दरगाह शरीफ के सज्जादा नशीन सूफी किबला मोहम्मद सादिक कबीर रूमवी साहब की जे़रे निगरानी होगा। सूफी संत बुजुर्गों के चाहने वाले तमाम मजहब के लोगों से गुजारिश की गयी है कि उर्स में आकर हुजूर के फैजो करम से फैजियाब हों।

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