मटमैले पानी की हो रही सप्लाई!

 

 

लोगों की टंकियों की तलहटी में जमा हो रहा कचरा!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। पानी के लिये हर माह लाखों रुपये पानी में फूंकने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन के द्वारा शहर में साफ पानी मुहैया नहीं कराया जा रहा है। इस मामले में सीएम हेल्प लाईन में शिकायत के जवाब में अवश्य पालिका के द्वारा सुधार कर दिया गया है.. शिकायत को निराकृत माना जाये की टीप दी जा रही है पर जमीनी हकीकत इससे उलट ही नजर आ रही है।

बताया जाता है कि शहर में जिन स्थानों पर ट्यूब वेल से पानी का प्रदाय किया जा रहा है वह अपेक्षाकृत साफ है किन्तु जहाँ भीमगढ़ और बबरिया जलावर्धन योजना से पानी प्रदाय किया जा रहा है वहाँ मटमैला बदबूदार पानी प्रदाय किया जा रहा है। प्रदूषित जल सप्लाई होने के कारण मजबूरी में लोगों को उसी का उपयोग पेयजल के लिये करना पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि गर्मी में लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है वहीं दूषित पानी बीमारी को और बढ़ा सकता है। अगर इसकी शिकायत पालिका से की जाये तो नगर पालिका के अधिकारी शहर में दूषित जल सप्लाई के पीछे पाईप लाईन में लीकेज व मोटर पंप का उपयोग होना बता रहे हैं।

यह आलम तब है जबकि फरवरी माह में जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा लगभग आधा दर्जन से ज्यादा बार नवीन जलावर्धन योजना का निरीक्षण कर ठेकेदार को 01 मार्च से शहर के लोगों को पानी प्रदाय करने का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके बाद भी मई माह के आरंभ होने तक लोग पानी के लिये तरस ही रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि पानी के शोधन में नगर पालिका हर रोज दस से पंद्रह हजार रुपये खर्च कर रही है। इसके अलावा मशीनरी, बिजली, मजदूरी, वेतन में भी लाखों रुपये हर माह खर्च होने के बावजूद शहर वासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके बाद भी शहर के निवासियों को साफ पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है जिससे पेट की बीमारियों के मरीजों की तादाद में जमकर इजाफा हो रहा है।

लोगों के घरों के नल या तो पानी की बजाय हवा उगलते नजर आते हैं या फिर नलों से गंदा मटमैला पानी आने से शहर के निवासियों का आक्रोश भाजपा शासित नगर पालिका परिषद पर बढ़ता जा रहा है। लोग सोशल मीडिया पर भी इस मामले में जमकर चटखारे लेते देखे जा रहे हैं। लोगों के द्वारा श्रीमति आरती शुक्ला के नेत्तृत्व वाली वर्तमान पालिका परिषद को पूर्व में राजेश त्रिवेदी वाली पालिका परिषद से भी, गयी गुजरी करार दिया जा रहा है।

शहर वासियों का कहना है कि दूषित पानी से ही गर्मी में उल्टी, दस्त, पीलिया, डायरिया सहित पेट से संबधित अन्य गंभीर बीमारी फैलती है। इसे ध्यान में रखते हुए नगर पालिका को कम से कम शहर में साफ पानी की सप्लाई पर विशेष ध्यान देना चाहिये।

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