कलेक्टर के निरीक्षण से अस्पताल में हड़कंप

 

 

जगह-जगह मिली गंदगी, कूलर-पंखे मिले बंद

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। शनिवार 04 मई को शनिश्चरी अमावस्या के दिन सुबह – सुबह ही जिला अस्पताल प्रबंधन का शनि भारी नजर आया। जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह सुबह नौ बजे अचानक ही जिला अस्पताल जा पहुँचे और उनके द्वारा दोपहर एक बजे तक जिला अस्पताल के कोने – कोने का निरीक्षण किया गया।

जिला कलेक्टर के द्वारा ओपीडी के निरीक्षण के दौरान अनेक चिकित्सकों और कर्मचारियों को जमकर लताड़ लगायी गयी। जब वे एड्स नियंत्रण कक्ष में गये तो उनके द्वारा लगायी जा रही फटकार से बाहर खड़े अधिकारी और कर्मचारियों की जान सांसत में ही दिखायी दी।

जिला कलेक्टर के द्वारा अस्पताल के भण्डार गृह का निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्टॉक और कंप्यूटर में दर्ज संख्या में अंतर पाये जाने पर उनके द्वारा स्टोर प्रभारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने इमरजेंसी का निरीक्षण किया और रिकॉर्ड का अवलोकन भी किया।

इमरजेंसी से जब वे बाहर निकले तो वहाँ गंदगी को देखकर प्रवीण सिंह मानो हत्थे से ही उखड़ गये। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ उपयंत्री के द्वारा आचार संहिता का बहाना बनाते हुए काम रूके होने की बात कहने पर उन्होंने कहा कि इस मामले में आचार संहिता कहाँ आड़े आ रही है।

अस्पताल के कॉरीडोर में विक्षिप्तों को देखकर जिला कलेक्टर के द्वारा सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक वीरेश सिंह बघेल से उनकी व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये। अनेक वार्डों में बंद पड़े कूलर और पंखों को देखकर उन्होंने अपनी तल्ख नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान अस्पताल के प्रशासक कलेक्टर के साथ चलते रहे पर उन्होंने कुछ भी टीका टिप्पणी से परहेज ही किया।

बताया जाता है कि मेल मेडिकल वार्ड में मरीजों की संख्या के अनुपात में कम बिस्तर होने पर उन्होंने किसी अन्य स्थान पर बिस्तर लगाये जाने की बात कही, तो अस्पताल प्रशासन के द्वारा यह कहा गया कि अगर कहीं और पलंग लगाये जाते हैं तो उसके लिये पेरामेडिकल स्टॉफ की व्यवस्था पृथक से करना होगा, वर्तमान में ही पेरामेडिकल स्टॉफ की कमी है।

बताया जाता है कि कमोबेश हर वार्ड में मरीजों के परिजनों के द्वारा व्यवस्थाएं न होने की शिकायत जिला कलेक्टर से की गयी। इसमें मूल रूप से पंखे, कूलर न चलने और शौचालयों में पानी न आने की बात मुख्य रूप से जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के समक्ष रखी गयी।

बताया जाता है कि इस दौरान उनके द्वारा प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि पानी की टंकी भरने वाली फीडर लाईन से अस्पताल के संप टैंक को भरने एक कनेक्शन दिया जाये। सीएमओ के द्वारा कुछ तकनीकि परेशानियां बताने पर उन्होंने कहा कि जिसे भी परेशानी हो उससे कहा जाये कि वह उनसे (जिला कलेक्टर से) बात कर ले।

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