पत्रकारिता से बदला जा सकता है समाज को

 

 

ब्रह्मकुमारीज के कार्यक्रम में बोले कमल दीक्षित

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। समाज में नैतिक मूल्यों में पतन चिंताजनक है। पत्रकारिता के जरिये समाज को बदला जा सकता है। मीडिया अगर सकारात्मक रूख रखेगी तो इसका असर समाज में देखने को मिल सकता है।

उक्ताशय की बात ब्रह्मकुमारी संस्था के द्वारा समाज में गिरती नैतिकता और मीडिया विषय पर आयोजित संगोष्ठी में माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्व विद्यालय में अनेक पत्रकारों को गढ़ चुके वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित ने ब्रह्मकुमारीज के भैरोगंज स्थित नये भवन में व्यक्त किये।

उन्होंने एक उदाहरण के माध्यम से बताया कि लॉयंस क्लब के द्वारा नेकी की दीवार को आरंभ कराया गया था। उस दौरान लोगों को संशय था कि यह सफल हो पायेगी अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि मीडिया में इस बात तो वांछित तवज्जो मिलते ही देश भर में नेकी की दीवार का आगाज़ किया गया। कमल दीक्षित ने आगे कहा कि सिवनी में भी नेकी की दीवार का सालों से सफल संचालन किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि लोगों के मन में इच्छाएं तो हैं बेहतर करने की, पर उनकी इच्छाओं को आकार देने वाला कोई नहीं है। उन्होंने मीडिया से आव्हान किया कि मीडिया को सकारात्मक और समाज हित के मामलों में उत्प्रेरक की भूमिका का निर्वहन करना चाहिये।

कमल दीक्षित ने आगे कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता के मूल्य ही बदल गये हैं। आज पत्रकारिता सक्षम लोगों के साथ खड़ी नजर आती है जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के बचाव में भी पत्रकारिता खड़ी नजर आती है जो गलत है।

उन्होंने कहा कि कोई भी कुछ भी करना ठान ले तो वह उस काम को कर सकता है। पत्रकारों को चाहिये कि इसके लिये इस तरह के सकारात्मक लोगों के मनोबल को बढ़ायें। उन्होंने कहा कि मनोबल का विकास आध्यात्म के जरिये ही संभव है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के जरिये अगर मन की शक्ति को जागृत करने का प्रयास किया जाये तो समाज में गिरते नैतिक मूल्यों को बचाया जा सकता है।

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