आईपीएल क्रिकेट सट्टे में छोटी मछलियों को ही दबोच रही पुलिस

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। आईपीएल क्रिकेट मैच की खुमारी बढ़ने के साथ ही जिले में सट्टा बाजार गर्म है। मैच शुरू होने से लेकर अब तक आधा दर्जन से ज्यादा कार्रवाई हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस अवैध धंधे में छोटी मछलियों को ही दबोच पाई।

अन्य प्रदेशों से सटोरियों के तार जुड़ने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद भी पुलिस कारोबार की जड़ तक नहीं पहुंच पा रही है। हालात यह हैं कि 5 हजार का ईनाम घोषित होने के बाद भी सटोरिया शानू जैन फरार है तथा शनिवार को एसटीएफ ने जिन दो सटोरियों को दबोचा उन्होंने दिलीप खत्री का नाम उजागर किया है।

एसटीएफ ने उजागर किया करोड़ों का लेनदेन

चिंतामन साहू कॉलोनी महानद्दा निवासी सतबीर सिंह पिता उजागर सिंह के घर दबिश देकर एसटीएफ ने हाईटेक आईपीएल क्रिकेट सट्टे का भांडाफोड़ किया। एसटीएफ एडीजी डॉ. अशोक अवस्थी के निर्देश पर सायबर एसपी अंकित शुक्ला के नेतृत्व में गोरखपुर थाने की संयुक्त टीम का गठन कर सतबीर के आवास पर दबिश दी गई। मौके पर सतबीर सिंह व रोहित शाह को दबोचते हुए 1 लाख 44 हजार 870 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन, एलईडी, लैपटॉप, पेन ड्राइव आदि जब्त किया गया। सटोरियों से मिले दस्तावेज व पेन ड्राइव में करोड़ों के सट्टा कारोबार का पता चला है। सटोरियों के तार जबलपुर समेत इंदौर, भोपाल व अन्य शहरों से जुड़े हैं जिन्होंने कड़ी पूछताछ में दिलीप खत्री समेत कई बड़े सटोरियों के लिए काम करने खुलासा किया है। कार्रवाई में निरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर, एसआई हेमंत पाठक, रोशनी नर्रे, एएसआई निसार अली, रघुवीर सिंह, शैलेन्द्र सोनी, प्रआ गजेन्द्र सिंह बागरी, विनु के वर्गीस, आरक्षक राजन पाण्डेय, निर्मल पटेल, मनीष तिवारी, विनोद, लेखन, हर्ष, अंजनी, नीलेश, छत्रपाल, नरेश, गोविंद की भूमिका रही।

इधर, बैंक अकाउंट में एडवांस जमा कर खिला रहे थे क्रिकेट सट्टा

क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बल्देवबाग स्थित राहुल अग्रवाल के किराए के मकान में आईपीएल क्रिकेट सट्टा खिलाते अनुपम प्यासी, ऋषभ राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान 8 सटोरिये सट्टा खेलते हुए मिले। सीएसपी कोतवाली दीपक मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए सटोरियों ने कई बड़े नामों का खुलासा करते हुए करोड़ों के टर्न ओवर की जानकारी दी है। सटोरिये बैंक अकाउंट में एडवांस पैसे जमा कराने के बाद लोगों को सट्टा खिलाते थे।