भुमकाई का सामान हुआ जप्त

 

 

वन विभाग के हत्थे चढ़े शिकारी!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। वन विभाग के द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए दो अलग – अलग स्थानों से बाघ की खाल और भुमकाई (टोना टोकटा में उपयोग में आने वाली सामग्री) जप्त की गयी है।

वन विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मुखबिर सूचना के आधार पर वन मण्डल अधिकारी टी.एस. सूलिया के द्वारा कुरई में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी वन राकेश कुड़ापे एवं सिवनी के एसडीओ सिवनी श्री श्रीवास्तव के नेत्तृत्व में सिवनी एवं रूखड़ परिक्षेत्र के कर्मचारियों का एक दल गठित किया गया था।

सूत्रों ने आगे बताया कि मोहगाँव से कर्माझिरी मार्ग पर हेमचंद (45) वल्द कुन्दे लाल भलावी के निवास से वन विभाग के जाँच दल को बाघ की खाल सोमवार की रात में मिली थी। जाँच दल के द्वारा हेमचंद से पूछताछ किये जाने पर उसके द्वारा कर्माझिरी के बफर क्षेत्र के जंगल में बाघ का शिकार करने की बात कबूल कर ली गयी।

सूत्रों की मानें तो हेमचंद की निशानदेही पर जाँच दल के द्वारा दीप सिंह (40) पिता शेर सिंह भलावी निवासी पतलई एवं महालाल (40) पिता तेज लाल वाड़ी निवासी चिखला को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा एक अन्य मामले में भी वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों ने बताया कि बादलपार के पास ग्राम जोगीवाड़ा के एक घर में तेंदुआ, रन बिलाव आदि की खाल के साथ वन्य जीवों के अंग एवं अवशेष मिले हैं। इस मामले में आरोपी गया प्रसाद (60) पिता मेहरू मसराम निवासी जोगीवाड़ा से पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि आरोपी के पास से तेंदुए की खाल, रन बिलाव की खाल, चीतल, सांभर की खाल एवं अन्य हड्डियां, अवशेष आदि मिले हैं। प्रकरण में जप्त किये गये बाघ के अवशेष आदिवासियों में फैले हुए अंध विश्वास तंत्र विद्या (झाड़फूंक, जादूटोना) की ओर इंगित कर रहे हैं।

उड़न दस्ता प्रभारी के.के. तिवारी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों को बुधवार 08 मई को माननीय न्यायालय में पेश किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यवाही में एस.डी.ओ. कुरई राकेश कुड़ापे, एसडीओ सिवनी आर.एन. श्रीवास्तव, दानसिंह उईके, उड़न दस्ता प्रभारी के.के. तिवारी, वनपाल दशोद लाल कुड़ापे, अजय कुमरे और अर्पित मिश्रा की अहम भूमिका रही।

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