सीएमएचओ ने फिर दी गीदड़ भभकी!

 

 

कितनी बार 15 दिन के अंदर पंजीयन के निर्देश जारी करेंगे सीएमएचओ!

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। लगता है जिले में विभागीय प्रमुखों का काम समय – समय पर दिशा निर्देश जारी करने का ही रह गया है। इन दिशा – निर्देशों का कितना पालन हुआ यह बात जानने समझने की फुर्सत अधिकारियों को नहीं रह गयी है। निश्चित समय बीतने के बाद एक बार फिर वही दिशा – निर्देश अफसर जारी करके अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री समझते हैं।

बुधवार को जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले में निजि चिकित्सा व्यवसाय करने वाले समस्त विधा जैसे एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस., बी.ए.एम.एस. एवं बी.एच.एम.एस. के चिकित्सक जिनके द्वारा निजि चिकित्सा व्यवसाय किया जा रहा है उसका मध्य प्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 के तहत कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश दिये हैं।

ज्ञातव्य है कि इसके पहले भी हर छः माह में सीएमएचओ कार्यालय के हवाले से इस तरह के दिशा – निर्देश जारी किये जाते रहे हैं। कभी पाँच दिन तो कभी तीन दिन के अंदर डिग्री जमा करने के निर्देश दिये गये तो कभी पंजीयन कराने के। सीएमएचओ कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि प्रत्येक छः माह में इस तरह के निर्देश जारी करके चिकित्सकों से विभाग के अधिकारियों के द्वारा चौथ वसूली के अलावा और कुछ नहीं किया जाता रहा है।

बहरहाल, सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार इसके साथ ही उन्हांेने बताया कि जिले के जो भी शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सक अस्पताल, क्लीनिक का बिना पंजीयन के अवैध रूप से संचालन कर रहे हैं जो कि नियम के विरुद्ध हैं एवं मध्य प्रदेश उपचर्यागृह रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 का उल्लंघन है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार सीएमएचओ ने समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सक को निर्देशित किया है कि मध्य प्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 के तहत शीघ्र ही अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से एक माह के अंदर करायें अन्यथा उनके विरूद्ध होने वाली कार्यवाही के लिये वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार इस संबंध में जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के निर्देशन में बिना पंजीयन के संचालित संस्थानों के लिये जाँच दल का गठन किया गया है। दल के द्वारा निरीक्षण के दौरान चिकित्सा व्यवसाय पंजीयन न होने पर संबंधित चिकित्सक, संस्थान के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही की जाती है तो उसके लिये चिकित्सक, संस्थान प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिवनी ने उक्त संबंध में समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सा, संस्थानों को 15 दिवस के अंदर पंजीयन कराने की अंतिम चेतावनी दी है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार इसके साथ ही ब्ल्ड कलेक्शन सेन्टर चलाने वाले केन्द्र को भी चेतावनी दी गयी है कि उनके द्वारा जिस संस्था से अथराईजेशन प्राप्त किया गया है, के समस्त दस्तावेज कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष दस्तावेज की जाँच करायें अन्यथा संस्था बंद करने के निर्देश दिये गये हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार उक्त संबंध में अगर किसी के विरूद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही की जाती है तो उसके लिये ब्ल्ड कलेक्शन सेन्टर केन्द्र स्वयं जिम्मेदार होंगे। समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने विकास खण्ड में चल रहे अनाधिकृत चिकित्सा व्यवसाय करने वाले समस्त विधा के चिकित्सकों का निरीक्षण कर उन्हें पंजीयन कराने को निर्देशित करें, नहीं कराने की स्थिति में गठित समिति के माध्यम से संस्था को बंद कराने की कार्यवाही कर दस्तावेज कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी को वे सूचित करेंगे।

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