कलेक्टर ने किया श्रीवनी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा लगातार ही शहर को पानी प्रदाय करवाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं किन्तु नगर पालिका का निष्ठुर प्रशासन और नवीन जलावर्धन योजना के ठेकेदार के द्वारा उनकी मंशाओं पर पानी फेरा जा रहा है। बुधवार 08 मई को एक बार फिर कलेक्टर के द्वारा जलावर्धन योजना का निरीक्षण किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने बुधवार को श्रीवनी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया जहाँ से पुरानी भीमगढ़ जलावर्धन योजना के जल का शोधन होता है। इस संयंत्र और पुरानी जलावर्धन योजना का संधारण नवीन जलावर्धन योजना के ठेकेदार को पाँच साल तक किया जाना है।

बताया जाता है कि जिला कलेक्टर के द्वारा जल शोधन प्रक्रिया एवं संयंत्र की वस्तु स्थिति का जायजा लिया गया। उनके द्वारा जल परीक्षण पंजी का अवलोकन किये जाने पर यह पाया गया कि उसमें प्रयोगशाला सहायक कृपाल सिंह के द्वारा गलत एवं मनगढ़ंत इंद्राज दर्ज किये जा रहे थे। जिला कलेक्टर के द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसके अलावा उनके द्वारा संयंत्र में साफ सफाई रखने, उपकरणों का बेहतर रख रखाव, नार्मस के हिसाब से शुद्ध पेयजल आपूर्ति के निर्देश भी इस समय अधिकारियों कर्मचारियों को दिये गये।

ज्ञातव्य है कि फरवरी माह में जिला कलेक्टर के द्वारा नवीन जलावर्धन योजना का लगभग आधे दर्जन से ज्यादा बार निरीक्षण किया जाकर इस योजना का पानी 01 मार्च से सिवनी के नागरिकों को मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों और ठेकेदार को दिये जाने के 68 दिन बाद भी शहर के लोगों को पानी मिलना सुनिश्चित नहीं हो पाया है।

जिला कलेक्टर के बार – बार निरीक्षण के बाद भी अधिकारियों की बिगड़ी चाल नहीं सुधरने से लोगों का मानना है कि जिला कलेक्टर के निर्देशों का असर अधिकारियों पर इसलिये नहीं हो पा रहा है क्योंकि उनके द्वारा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के खिलाफ ही कार्यवाही की जा रही है। इन कर्मचारियों पर नियंत्रण के लिये जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही नहीं हो पाने के कारण अधिकारी निरंकुश ही प्रतीत हो रहे हैं।