छात्रा ने पहली से 12वीं तक कभी नहीं ली स्कूल से छुट्टी

 

 

 

 

 

यूं तो आजकल के बच्चे स्कूल जाने से अपना जी चुराने से बाज नहीं आते। स्कूल जाने से बचने के लिए नए-नए बहाने बनाते है। लेकिन बहानेबाज बच्चों से अलहदा एक ऐसी भी छात्रा है, जो कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक कभी भी स्कूल में गैरहाजिर नहीं हुई तो आप यकीन नहीं मानेंगे, लेकिन यह सौ फीसदी सही है।

उसकी इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने नाम दर्ज कर मुहर भी लगाई है। पिपलानी स्थित सेंट थेरेसा गर्ल्स स्कूल में पढ़ने वाली मानसी दास ने 12 साल की स्कूल लाइफ में सौ फीसदी उपस्थिति का रिकॉर्ड कायम किया और कुल 2510 दिन स्कूल गई हैं। 19 अक्टूबर सन्‌ 2000 में जन्मी मानसी ने कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र 2007- 08 से 2018-19 के बीच पूरी की है। हालांकि, रिकॉर्ड का यह अवॉर्ड उन्हें फिलहाल मिला नहीं है, लेकिन वेबसाइट पर दर्शा रहा है।

बीमारी और जख्मी हालत में भी गई स्कूल

भोपाल के बालाजीपुरम निवासी मानसी के पिता मुकुल दास ने बताया कि स्कूल और पढ़ाई के प्रति बेटी का लगाव देख हमने हमेशा उसका सपोर्ट किया। उन्होंने बताया कि कक्षा चार की पढ़ाई के दौरान स्कूटर से गिर जाने पर मानसी के घुटने में गहरी चोट आई थी और चलने-फिरने में तकलीफ के बावजूद उसने एक भी दिन स्कूल मिस नहीं किया, जबकि डॉक्टर ने स्कूल जाने से मना किया था। कक्षा 5वीं की पढ़ाई के दौरान मानसी को मलेरिया भी हो गया था, लेकिन वह स्कूल जाने से नहीं चूकी। निजी क्षेत्र में काम करने वाले मुकुल मूलतः कोलकाता के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि बेटी की खातिर हम विवाह आदि समारोह में शामिल होने तभी गए, जब बेटी की छुट्टी थी। कोलकाता भी गर्मी की छुट्टी में ही गए।

जेईई मेंस में 98. 92 फीसदी अंक

स्कूल में उपस्थिति के साथ ही मानसी पढ़ाई, अनुशासन और स्कूल एक्टिविटी में भी नंबर वन रहीं हैं। हाल ही में आए सीबीएसई 12वीं के बोर्ड एग्जाम में साइंस सब्जेक्ट से मानसी ने 93.6 प्रतिशत अंकों के साथ स्कूल टॉप किया है। जेईई मेंस में 98.2 फीसदी अंकों के साथ ऑल इंडिया में 12,387वीं रैंक हासिल की है। जेईई मेंस सफलता पाने के बाद मानसी वर्तमान में एडवांस की तैयारी कर रहीं हैं।

ऑल रांउडर स्टूडेंट्स का खिताब

मानसी ने बताया कि स्कूल में उपस्थिति और पढ़ाई मैंने रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं की। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा भी कोई रिकॉर्ड बनेगा। इतना जरूर है कि बेवजह के काम और बहाने बनाकर स्कूल बंक करने वाले स्टूडेंट्स के सामने मैं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहती थी। पढ़ाई के दौरान क्विज, डांस, डिबेट कॉम्पिटीशन आदि में हिस्सा लेती रही हूं, जिसमें कई पुरस्कार जीते हैं। स्कूल लेवल पर ऑल रांउडर स्टूडेंट का खिताब हासिल किया है।

कैसे किया था रिकॉर्ड के लिए अप्लाई

गुजरात अहमदाबाद की संस्था द्वारा संचालित इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की वेबसाइट पर मानसी के पिता मुकुल दास ने स्कूल से मिली मानसी की अटेंडेंस की जानकारी प्रतिवर्ष लगातार अपलोड की। साथ ही मानसी की स्कूल में उपस्थिति के दस्तावेज लेकर भेजे गए। दस्तावेजों की जांच के बाद संस्था व वेबसाइट ने मानसी के स्कूल में उपस्थिति का रिकॉर्ड दर्ज कर उसे वर्ल्ड रिकॉर्ड घोषित किया।

(साई फीचर्स)

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