की गयी लखनवाड़ा घाट की सफाई

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। गौ, गीता, गंगा महामंच द्वारा पतित पावनी बैनगंगा को निर्मल व अविरल बनाये रखने के लिये गंगा सप्तमी से गंगा दशहरा तक चलाये जाने वाले निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत गंगा सप्तमी शनिवार 11 मई को गृहे-गृहे जन जागरण कार्यक्रम का श्रीगणेश बैनगंगा के लखनवाड़ा घाट की सफाई कर किया गया।

गौ, गीता, गंगा महामंच के सदस्यों ने बच्चों के साथ लखनवाड़ा घाट पर सफाई कर बच्चों को गंगा को स्वच्छ रखने का महत्व समझाया गया और लखनवाड़ा ग्राम के निवासियों को निर्मल गंगा के महत्व को बताते हुए गंगा को स्वच्छ बनाये रखने व कूड़ा निस्तारण के लिये सचेत किया गया। निर्मल गंगा जन जागरण अभियान के प्रमुख संजय मिश्र ने गंगा प्रेमियों को गंगा सप्तमी की बधाई देने के साथ निर्मल गंगा जन अभियान के तहत लोगों को गंगा को स्वच्छ निर्मल बनाये रखने के लिये सहयोग की अपील भी की।

गौ, गीता, गंगा महामंच के पं.सुमित चौबे ने बच्चों को बताया कि गंगा मे स्नान करने से पहले माँ को प्रणाम करना चाहिये और फिर स्नान करना चाहिये। उन्होंने कहा कि गंगा आदि पवित्र नदियांे में डुबकी लगाने के दौरान कुछ बातों को ध्यान मंे रखना बेहद जरूरी होता हैं। स्नान करने से पहले इस बात का ख्याल रखना चाहिये कि आपका मुँह सूर्य की तरफ ही होना चाहिये। लोगों के मन मे ये बात भी रहती है कि डुबकियां कितनी लगानी चाहिये, तो ऐसे मे 03, 05, 07 या फिर 12 डुबकियां ही व्यक्ति को लगाना चाहिये। उन्होंने कहा कि यदि आप तीन डुबकी लगा रहे हैं तो आप पहली डुबकी देवी – देवताओं के नाम से, एक अपने पुरखों के नाम से और एक अपने परिवार के नाम से लगायें।

पं.सुमित चौबे ने बताया कि हर व्यक्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि जब भी आप गंगा किनारे जायें तो वहाँ की पवित्रता का पूरा ध्यान रखें। अपने जूते चप्पल गंगा तट से दूर ही रखें क्योंकि आपके आसपास बहुत से ऐसे लोग भी होते हैं जो गंगा पूजन कर रह होते हैं।

उन्होंने कहा कि अमृत जल प्रदान करने वाली गंगा के जल की शुद्धता बनाये रखने के लिये गंगा मंे स्नान करते समय साबुन का प्रयोग न करें और न ही कपड़े धोयें। जब कभी भी गंगा किनारे जायें तो अपने मन मे पूरे विश्वास व श्रद्धा के साथ जायें और अपना आचरण धर्म के विरूद्ध न करें।

उन्होंने कहा कि गंगा स्नान करते समय सिर्फ अपने पाप ही नहीं बल्कि मन का मैल भी दूर करें। गंगा तट को साफ – सुथरा रखने मंे सहयोग करंे। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे पॉलीथिन फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध हो, साथ ही ऐसी किसी भी वस्तु या सामग्री का उपयोग न करें और न करने दें जिससे गंगा अपवित्र हो।