नियम कायदों को बलाए ताक पर रखकर हो रहा सड़क निर्माण

(ब्यूरो कार्यालय)

केवलारी (साई)। जिले में चल रहे सरकारी निर्माण कार्यों में सही तरीके से मॉनीटरिंग न होने के कारण ठेकेदारों के हौसले बुंलदी पर हैं। इसी का परिणाम है कि करोड़ों रूपये के विकास कार्यों का लाभ लोगों को सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है।

केवलारी जनपद में दो करोड़ रूपये से अधिक की लागत से बन रही लगभग पाँच किलोमीटर की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क को लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों और शर्तों को दरकिनार करते हुए सड़क का मनमाने तरीके से निर्माण किया जा रहा है जिससे सड़क की गुणवत्ता काफी खराब है और आशंका है कि यह पहली बारिश भी नहीं झेल पायेगी।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़के के निर्माण में नाबालिगों से भी काम कराया जा रहा है। इसके साथ ही गाँव में किसानों के खेतों को तालाब बनाने का लालच देकर बीसियों फीट गहरे गड्ढे कर दिये गये हैं जिससे आने वाले दिनों में पानी भरने पर हादसे की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में खुद निरीक्षण कर काम गुणवत्तापूर्ण काम बनाने के लिये निर्देशित करेंगे।

केवलारी जनपद मुख्यालय से महज पाँच किलोमीटर दूर बनने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को लेकर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किये हैं। स्थानीय ग्रामीण अशोक बघेल, संतोष बघेल, प्रकाश डहेरिया, रफीक खान आदि का कहना है कि दो करोड़ दस लाख रूपये की लागत से बनने वाली डोकररांजी से परासपानी तक की इस सड़क के निर्माण में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस सड़क का निर्माण विभिन्न परतों में किया जाना है। इसके तहत एक परत मिट्टी की, दूसरा दानेदार आधार, तीसरा गिट्टीकृत परत और चौथा डामरीकृत परत की है। प्रत्येक चरण के लिये मापदण्ड तय हैं जिसमें प्रत्येक परत को रोलर से दबाने, पानी छिड़कने जैसे मापदण्ड निर्धारित किये गये हैं लेकिन इनका पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यहाँ वहाँ से मिट्टी डालकर काम पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय किसानों के खेतों से मुरम ली जा रही है। इसके लिये भी मापदण्ड तय हैं लेकिन इन्हे दरकिनार करते हुए बीस फीट से अधिक तक की खुदाई कर दी गयी है जिससे खेतों में मौत के कुंए बन गये हैं। आने वाले महीने में बारिश होने पर ये गड्ढे पानी से भर जायेंगे, जिससे ये मवेशियों और इंसानों के लिये खतरा बन सकते हैं।

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