शताक्षी संगीत विद्यालय में मनाया गया रजत जयंति समारोह

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शताक्षी संगीत विद्यालय के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंति समारोह गरिमामयी और संगीत संध्या में उपस्थित श्रोताओं की उपस्थिति में धूमधाम व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। सिवनी जिले की संगीत प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रणी संस्था शताक्षी संगीत विद्यालय ने अपने सफलतम 25 वर्ष को पूर्ण कर लिये हैं।

इस उपलक्ष्य में संस्था में प्रतिवर्ष होने वाले वार्षिक उत्सव को इस वर्ष रजत जयंति समारोह के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत श्रीमति शांति उपाध्याय, श्रीमति द्रोपदी दुबे एवं संस्था के संचालक नेत्रपाल दुबे के द्वारा सरस्वती देवी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

तत्पश्चात विद्यालय के सभी छात्र – छात्राओं के द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गयी। इसके उपरांत मुरलीधर, अक्षत, आशुतोष, अभय, एवं विनायक के द्वारा तबला सोलो की आकर्षक प्रस्तुति दी गयी। रजत जयंति समारोह में गीतों की श्रंखला में शताक्षी ने ऐ वतन ऐ वतन, रश्मि बघेल ने राम तेरी गंगा, नम्रता ने लुका छिपी, गणपति, रश्के कंवर, स्वर्णा सोनी हाँ वंशी बन गये, गोपी, ससुराल गेंदा फूल, वाशु सनोडिया, तेरे संग यारा, मुकुंद ये लाल इश्क, विशाल शुक्ला ओ रंगरेज, रिसब यादव मोरे राजा, अदिति जब कोई बात, ऋतु नैनो की ये, रितिका छाप तिलक, खुशी नाहटा दमादम मस्त, सत्यम जीना – जीना, हिमालय रात कली, एवं सैया तू जो नजरों एवं मुकेश बघेल ने कालो की काल गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी।

शताक्षी संगीत विद्यालय समिति ने समाज सेवी हरि प्रसाद सनोडिया का सम्मान भी इस अवसर पर किया। आयोजित किये गये कार्यक्रम में एन.आर. बैस, डॉ.आर.पी. दुबे, राजेश तिवारी, मंगल मालवीय, राघवेन्द्र बैस, मुकुन्द चंद्रा, राजेश करोसिया, आर.एस. सनोडिया, डॉ.एस.के. नेमा, डॉ.आर.पी. बोरकर, के साथ भारी तादाद में श्रोताओं ने संगीत का आनंद लिया वहीं कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ.श्रृति अवस्थी ने किया।