शराब ठेकेदार को मिली अघोषित छूट!

बिना नंबर की गाड़ी से ढुल रही अवैध शराब!

(संतोष बर्मन)

घंसौर (साई)। घंसौर में शराब ठेकेदार को पुलिस और आबकारी विभाग के द्वारा मानो खुल छूट प्रदाय कर दी गयी है। घंसौर क्षेत्र का शायद ही कोई ऐसा गाँव होगा जहाँ अवैध रूप से शराब का विक्रय न हो रहा हो। शराब ठेकेदार के गुर्गों के द्वारा बेखौफ होकर पैकारों के जरिये अवैध रूप से शराब का कारोबार करवाया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घंसौर में शराब का ठेका महिष्मति कंपनी के पास है। वर्तमान में शादी ब्याह के सीजन में पुलिस और आबकारी विभाग की कथित अनदेखी के चलते ठेकेदार के द्वारा शराब दुकान को सुबह सात बजे खोला जा रहा है और यह शराब दुकान मध्य रात्रि एक बजे तक खुली दिखती है। क्षेत्रीय वासियों का कहना है कि रात को गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों को भी यह दुकान शायद ही खुली दिखती हो, वरना इस दुकान के खिलाफ कार्यवाही न होने का दूसरा कारण क्या हो सकता है!

ठेकेदार के करीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ठेकेदार के द्वारा पैकारों और कूचियों (जिन लोगों के जरिये गाँव – गाँव में अवैध शराब बिकवायी जाती है) के जरिये शराब का अवैध परिवहन भी करवाया जा रहा है। इसके लिये बिना नंबर के एक गामा वाहन का उपयोग किया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि लोक सभा चुनावों की आचार संहिता (भले ही जिले में मतदान हो चुका हो) के चलते पुलिस हाई एलर्ट पर होने के बाद भी रात के स्याह अंधेरे और यहाँ तक कि दिन दहाड़े भी ठेकेदार के गुर्गों के द्वारा इस बिना नंबर के वाहन में शराब की पेटियां बिना परिवहन अनुज्ञा के ही गाँव – गाँव भिजवायी जा रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि पुलिस के पास अपना खुफिया तंत्र होता है, जिसके द्वारा शराब ठेकेदार के गोदाम या शराब दुकान से शराब को निकालकर इस वाहन के जरिये गाँव – गाँव ले जाये जाने की सूचना प्राप्त करना बहुत दुष्कर कार्य नहीं होने के बाद भी पुलिस इस ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रही है।

सूत्रों का कहना है कि बिना नंबर वाले वाहन को पुलिस के द्वारा और भी बारीकी से चैक किया जाना चाहिये, किन्तु वास्तव में इस वाहन को रोकने या चैक करने की जहमत घंसौर पुलिस के द्वारा नहीं उठायी जाती है। इस वाहन में शराब की पेटियां लदी होती हैं, जिन्हें गाँव – गाँव भेजा जाकर, वहाँ बिकवाया जाता है।

घंसौर क्षेत्र में गाँव – गाँव बिक रही अवैध शराब को रोकने की दिशा में काँग्रेस के विधायक योगेंद्र सिंह के द्वारा भी अब तक किसी तरह के प्रयास नहीं किये गये हैं। गाँव – गाँव में अवैध शराब के कारोबार से युवाओं में नशे की लत लगती जा रही है। क्षेत्र में शराब के नशे में आये दिन झगड़े फसाद होने की खबरें भी हैं।

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