पानी पर डाका, हुई एफआईआर

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

नासिक (साई)। महाराष्ट्र के कई इलाकों में इन दिनों पानी का संकट है। यहां के लोगों के लिए पानी सोने की तरह कीमती हो गया है।

हालात इतने खराब हो गए हैं कि नासिक में पानी पर लोगों ने डाका डालना शुरू कर दिया है। यहां पर लोगों को महीने में एक बार पीने का पानी सप्लाइ होता है इसलिए पीने के पानी की चोरी हो रही है। लोगों ने पानी की चोरी बचाने के लिए पानी की टंकियों में ताला डालना शुरू कर दिया है।

नासिक के मनमाड कस्बे में हालात यह है गए हैं कि यहां पर पानी पर डाका डाला जा रहा है। यहां पर एक व्यक्ति ने पुलिस में पानी चोरी की एफआईआर भी दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि घटना श्रावस्तीनगर के रहने वाले विलास अहीर के घर पर हुई। उन्होंने बताया कि उनके घर के छत पर पानी की टंकी है। उसमें पांच सौ लीटर पानी थी। टंकी से ढाई सौ लीटर पानी चोरी हो गया है।

विलास ने अपनी तहरीर में बताया है कि उनकी टंकी का पानी प्योरिफाइ था। इस पीने के पानी की जब उन्हें कमी लगी तो उन्होंने टंकी में जाकर देखा तो उसमें पानी आधा बचा था। थाने में दी गई विलास की तहरीर को पुलिस ने मजाकिया तौर पर लिया। हालांकि विलास ने इसे गंभीर मामला बताया। पुलिस ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि पानी चोरी की रिपोर्ट किस धारा में दर्ज करें।

विलास ने कहा कि पुलिस को हम लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। पुलिस को पानी चोरी करने वाले शख्स को पकड़ना चाहिए। हम लोग पानी की टंकी में ताला डालकर रख रहे हैं ताकि पानी चोरी न हो। पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश कुमार गूसर ने बताया कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस पर कार्रवाई कर रही है।

सूखाग्रस्त महाराष्ट्र के लिए 6 मई को चुनाव आयोग ने राहत दी थी और सरकार को ऐसे इलाकों के लिए बजट जारी करने की अनुमति दे दी थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी जिम्मेदारों को निर्देश दिए हैं कि जिलों में निरीक्षण करें और सूखा प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाएं। वहीं सचिवों को 21 मई तक सूखाग्रस्त इलाकों की रिपोर्ट देने को भी कहा गया है।

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