यह इच्छा रह गयी अधूरी!

 

 

इंदिरा गाँधी की प्रतिमा लगवाना चाहतीं थीं अस्पताल में

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री विमला वर्मा की एक इच्छा उनके साथ ही बिदा हो गयी। वे इंदिरा गाँधी जिला चिकित्सालय में इंदिरा गाँधी की प्रतिमा लगवाना चाहतीं थीं। इसके लिये उनके द्वारा खुद के व्यय पर 1995 में इस प्रतिमा का निर्माण करवाया गया था। यह प्रतिमा आज भी उनके निवास गिरधर भवन में रखी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री जब सांसद बनीं तब उनके द्वारा अपने व्यय पर इंदिरा गाँधी की एक प्रतिमा का निर्माण करवाया गया था। वे इस प्रतिमा को प्रियदर्शनी के नाम से सुशोभित इंदिरा गाँधी जिला अस्पताल में लगवाना चाहतीं थीं।

उनके द्वारा जब इस प्रतिमा को बनवाया गया था उस समय प्रदेश में काँग्रेस की सरकार थी और केवलारी के विधायक हरवंश सिंह ठाकुर प्रदेश में कद्दावर मंत्री हुआ करते थे। इसके बाद भी जिला अस्पताल में इंदिरा गाँधी की प्रतिमा को स्थापित न किये जाने का उन्हें सदा मलाल रहा। इस बात को उनके द्वारा अनेक बार लोगों से चर्चा के दौरान कहा भी गया।

बताया जाता है कि इस बात की जानकारी हाल ही में जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज कुमार खुराना को लगी। उनके द्वारा व्यक्तिगत प्रयास करते हुए जिला योजना समिति में इस प्रस्ताव को पास करवाकर प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे के जरिये यह प्रयास आरंभ किये गये कि इस प्रतिमा को जिला अस्पताल में स्थापित कर दिया जाये।

जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज कुमार खुराना ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि लोक सभा की आचार संहिता के प्रभावी हो जाने के कारण यह काम वर्तमान में रूका हुआ है। उन्होंने बताया कि जैसे ही आचार संहिता हटेगी वे इसे स्थापित करवाने के प्रयास युद्ध स्तर पर करेंगे।

नहीं है एक भी वार्ड उनके नाम पर : जिला अस्पताल के बारे में सभी जानते हैं कि इसका निर्माण उन्हीं के नाम पर संभव हो पाया है। लोगों का कहना है कि उनके सक्रिय राजनीति से किनारा करने के बाद उनके अनुयायियों के द्वारा ये प्रयास तक नहीं किये गये कि जिला अस्पताल का कम से कम एक वार्ड तो उनके नाम पर हो जाता!