फीस से तीन गुना माँग रहे रिश्वत!

 

पीसीबी के अधिकारियों की मनमानी से चिकित्सक आये आज़िज

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिले में संचालित क्लिनिक के पंजीयन के जारी निर्देश के बाद निजि चिकित्सकों की पेशानी पर पसीने की बूंदें छलकती दिख रही हैं।

निजि चिकित्सकों ने मेडिकल बायोवेस्ट उठाने वाली संस्था द्वारा अधिक चार्ज लिये जाने, पॉल्युशन बोर्ड (पीसीबी) के प्रमाण पत्र के लिये फीस पाँच हजार की जगह 20 हजार रूपये की माँग किये जाने की बात कही है। उनका कहना है कि पॉल्यूशन बोर्ड के प्रमाण पत्र पर 15 हजार रूपये रिश्वत माँगी जा रही है। होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन व डेंटल मेडिकल एसोसिएशन सिवनी के प्रतिनिधि मण्डल ने कलेक्टर से मिलकर शिकायत की है। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने जाँच कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

गौरतलब है कि बीती 08 मई को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के लगभग ढाई सौ से अधिक क्लिनिक संचालकों को पंजीयन के संबंध में नोटिस जारी किया है। पंजीयन के पूर्व चिकित्सकों को मेडिकल बायोवेस्ट उठाने वाली संस्था और पॉल्यूशन बोर्ड से उनके यहाँ से पंजीयन होने का प्रमाण पत्र लगाना है। इसके बाद क्लिनिक का पंजीयन सीएमएचओ कार्यालय से होगा।

सीएमएचओ का नोटिस मिलने के बाद निजि चिकित्सक पंजीयन के लिये प्रयास आरंभ कर दिये हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मेडिकल बायोवेस्ट उठाने वाली संस्था 15 हजार 400 रूपये एक वर्ष का एडवांस ले रही है। पॉल्यूशन बोर्ड के प्रमाण पत्र के लिये फीस पाँच हजार हैं, जबकि ऑन लाईन करने वाले 20 हजार रूपये की माँग करते हैं।

इनका कहना है कि 15 हजार रूपये अधिक किस बात के लिये जा रहे हैं यह पूछे जाने पर उनका कहना है कि यह पैसा पॉल्यूशन बोर्ड को दिया जाता है। सीएमएचओ का नोटिस मिलने के बाद अचानक 35 हजार रूपये प्रतिवर्ष खर्च बढ़ने के बाद निजि चिकित्सकों के होश उड़ गये हैं। चिकित्सकों ने कलेक्टर प्रवीण सिंह से मिलकर मेडिकल बायोवेस्ट उठाने वाली संस्था द्वारा अधिक राशि रखे जाने तथा पॉल्यूशन बोर्ड के निर्धारित फीस से अधिक लिये जाने की शिकायत की है। कलेक्टर ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।