नपा बताये किन-किन दिनों में आयेंगे कचरा वाहन!

 

मुझे शिकायत नगर पालिका से है जिसके द्वारा शहर की साफ-सफाई की व्यवस्था के नाम पर जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके चलते शहर में जहाँ-तहाँ गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

शहर के वार्डों में कुछ समय तक तो नियमति रूप से कचरा वाहन भेजा गया लेकिन अब हाल यह है कि कई-कई दिनों तक ये कचरा वाहन वार्डों के कई हिस्सों में दर्शन नहीं दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में यह भी कहा जा सकता है कि संभवतः अब कचरा वाहन रोजाना कचरा बटोरने का कार्य नहीं कर रहे हैं। यदि ऐसा है तो इस बात की जानकारी आम जनता को दी जाना चाहिये ताकि कचरा वाहन के इंतजार में लोगों के घरों में भी कचरे का अंबार न लग सके और वे उस कचरे का निष्पादन समय रहते कर सकें।

नगर पालिका के द्वारा यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिये कि आखिर कचरा वाहन रोजाना वार्डों में क्यों आना बंद कर दिये गये हैं? इसके साथ ही अखबारों या अन्य किसी भी माध्यम से यह जानकारी जनता को दी जाना चाहिये कि कचरा वाहन किन-किन दिनों में वार्डों में कचरा बटोरने का कार्य करेंगे? यही नहीं बल्कि नगर पालिका को वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह भी बताना चाहिये कि क्या भविष्य में इन कचरा वाहनों का चालन बंद किया जा सकता है?

गौर करने वाली बात यह भी है कि कचरा वाहनों से पहले जहाँ तेज आवाज में स्पीकर से गीत आदि बजाकर दूर से ही कचरा डालने वालों को आगाह किया जाता था कि वे कचरा के साथ तैयार रहें, वर्तमान में जब कभी भी ये वाहन आते हैं तो इन वाहनों में बजने वाला संगीत या एनाउंसमेंट अत्यंत धीमी आवाज में बजाया जाता है जिससे लोगों को यह पता भी नहीं चल पाता है कि उनके क्षेत्र में कचरा वाहन आ चुका है और शीघ्र ही उनके समीप से होकर गुजरेगा।

यही हाल वार्डों की सफाई का भी है। वार्डों में झाड़ू तो लगायी जा रही है लेकिन सफाई कर्मियों के द्वारा स्थान-स्थान पर एकत्र किया गया कचरा उठाने के लिये कोई वाहन ही नहीं आता है। कुछ स्थानों पर तो सफाई कर्मियों की जानकारी में शायद यह बात रहती है कि कचरा उठाने वाला वाहन नहीं आयेगा इसलिये उनके द्वारा एकत्र किये गये कचरे को नालियों में डाल दिया जाता है। बाद में लंबे समय बाद जब कभी उस नाली की सफाई होती है तब उस कचरे को उठा कर बाहर रख दिया जाता है।

जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि उसके द्वारा अब दिशा निर्देश न दिये जाकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीरता के साथ विचार करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये ताकि आम जनता को राहत दिलायी जा सके।

गफ्फार खान