बौद्ध धर्म के कारण है विश्व में भारत का सम्मान : देशभरतार

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शांति, सद्भाव, समानता, करूणा, प्रज्ञा, शील जैसे उच्च मानवीय गुणों का संदेश देने वाले तथागत गौतम बुद्ध को आज पूरी दुनिया नमन कर रही है। चीन, जापान, कोरिया, ताईबान, श्रीलंका, थाईलैंड जैसे दर्जनों देशों ने भारत के महान बौद्ध धर्म को अपनाया है। बौद्ध धर्म के कारण ही विश्व में भारत का सम्मान है।

उक्ताशय के विचार गत दिवस नगर के टैगोर वार्ड में रविदास शिक्षा मिशन द्वारा आयोजित तथागत गौतम बुद्ध जयंति के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ.एल.के. देशभरतार ने व्यक्त किये। कार्यक्रम का प्रारंभ तथागत गौतम बुद्ध, संत रविदास एवं बाबा साहब डॉ.अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्पहार अर्पित करने के साथ हुआ।

इस अवसर पर विशेष अतिथि नरेश कुमार मंगोरे ने बताया कि कीचड़ से कीचड़ साफ नहीं होता। बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है। विशिष्ट अतिथि विवेक डेहरिया ने कहा कि सभी जातियों को बराबरी का अधिकार देकर तथागत गौतम बुद्ध ने मानवता को धन्य कर दिया।

कॉलेज छात्र सतीश चौधरी ने बताया कि तथागत गौतम बुद्ध और बाबा साहब डॉ.अंबेडकर के मार्ग को अपनाने पर जीवन धन्य हो जाता है। कार्यक्रम आयोजक एवं रविदास शिक्षा मिशन के अध्यक्ष रघुवीर अहरवाल ने बताया कि बौद्ध धर्म का लक्ष्य नफरत, हिंसा, अन्याय, अत्याचार और असमानता को समाप्त करना है।

कार्यक्रम के अंत में अपने अध्यक्षीय संबोधन में समता मंच के संस्थापक अशोक गौवंशी ने कहा कि बौद्ध धर्म की शिक्षाओं से ही मनुष्यों के दुःख दूर होते हैं, लेकिन जो जातियां आज बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार में लगी हैं उन्हें व्यापक दृष्टिकोण अपनाकर जाति बंधन को समाप्त करना होगा, तभी जातिगत नफरत के शिकार लोगों को राहत मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में मिष्ठान वितरण भी किया गया।

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