रेत माफियाओं का साम्राज्य

 

सड़कों का निकला कचूमर

(ब्यूरो कार्यालय)

केवलारी (साई)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में मुख्यमंत्री के नाम की आड़ में रेत माफियाओं का साम्राज्य जमकर फलीभूत हो रहा है। स्थिति यह है कि केवलारी क्षेत्र में प्रधानमंत्री सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री सड़क योजना से बनी सड़कें पूरी तरह दम तोड़ने के बाद मटिया मेट हो चुकी हैं।

यहाँ संबंधित विभाग की लापरवाही और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर 40 से 50 डंपर डोभ, बंदेली, खरसारू, चिरचिरा,, अर्जुनझिर, पलारी तिगड्डा मार्ग से धनौरा होते हुए केवलारी उगली थाना के सामने से रात के नौ से 10 बजे के बीच अवैध खदानों में पहुँचकर अपने अवैध कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं।

इन्हीं में शामिल माहेश्वरी ग्रुप का एक सदस्य तो अपने आप को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का रिश्तेदार बताकर जिला प्रशासन पर अपनी मजबूत पकड़ बनाये हुए है। खनिज अधिनियम के अनुसार डंपर, ट्रैक्टरों, ट्रकों की रॉयल्टी मापदण्डों के अनुरूप तय है लेकिन यहाँ एक डंपर से छः से आठ हजार रुपये वसूल करने के बाद मात्र 1200 रूपयों की रॉयल्टी ही दी जा रही है। इससे संबंधित शिकायतें खनिज अधिकारी से पहले ही कई बार की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी कार्यवाही के नाम पर सिर्फ और सिर्फ दिखावा ही सामने आया है।

बताया जाता है कि रेत के ठेकेदारों के द्वारा उगली हिर्री रेत खदानों में पर्यावरण संरक्षण का खुला उल्लंघन करते हुए जेसीबी मशीन की सहायता से रेत निकाली जा रही है। रेत उत्खनन में नियमों की अनदेखी कर रेत माफिया राज का जाल अब इस क्षेत्र के लिये अभिशाप बनकर रह गया है।

रात के अंधेरे में नरसिंहपुर के रास्ते पचासों डंपर चलने से केवलारी क्षेत्र में जन प्रतिनिधियों के प्रयासों से प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनी रोडे डोब, मलारा, खरसारू होते हुए धनौरा केवलारी, बिनैकी, चिरचिरा होते हुये धनौरा, अर्जुनझिर, ढुठेरा, झगरा, पलारी तिगड्डा से धनौरा में बनी सड़कों का अस्तित्व ही समाप्त सा हो गया है।