अंततः अशोक गौवंशी की ड्यूटी की गयी निरस्त!

 

 

क्या एमसीएमसी नहीं कर रही मॉनीटरिंग!

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। जिला चिकित्सालय के एड्स नियंत्रण प्रभाग में पदस्थ परामर्शदाता अशोक गौवंशी के मामले में एक नया मोड आ गया है। मंगलवार को उप निर्वाचन अधिकारी के द्वारा लोकसभा निर्वाचन के लिये जिला कंट्रोल रूम में लगायी गयी उनकी ड्यूटी को निरस्त कर दिया गया है।

अशोक गौवंशी ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान बताया कि मंगलवार 21 मई को शाम चार बजे उन्हें उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा एक आदेश दिया गया जिसमें उनकी ड्यूटी को निरस्त किये जाने का उल्लेख किया गया है। उन्होंने बताया कि इस आदेश में कहा गया है कि 20 मई को रात दस बजे जिला कंट्रोल रूम एवं 21 मई को सोशल मीडिया से यह जानकारी मिली कि अशोक गौवंशी कैंसर से पीड़ित हैं, इसलिये जिला कंट्रोल रूम में लगायी गयी उनकी ड्यूटी को निरस्त कर दिया गया है।

इस तरह के आदेश के सोशल मीडिया पर आने के बाद से ही चौक चौराहों पर चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है। लोगों का कहना है कि अशोक गौवंशी की ड्यूटी लगाये जाने के पहले ही उनके द्वारा मुख्य सचिव को एक शिकायती पत्र भेजा गया था, जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया था कि वे रक्त कैंसर से पीड़ित हैं।

चर्चाओं के अनुसार इस शिकायती पत्र के संबंध में प्रमुख स्थानीय समाचार पत्रों सहित सोशल मीडिया पर जमकर रार छिड़ी हुई थी। चुनावों के दौरान मीडिया मॉनीटरिंग एण्ड मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी (एमसीएमसी) भी गठित की जाती है, जिसका काम मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रखने का होता है।

चर्चाओं के अनुसार प्रमुख स्थानीय समाचार पत्रों के द्वारा लगातार ही इस बात की खबर का प्रकाशन किया जाता रहा है कि अशोक गौवंशी के द्वारा मुख्य सचिव को भेजे गये शिकायती पत्र में उन्हें रक्त कैंसर होने की बात कही गयी है। जाहिर है एमसीएमसी के संज्ञान में यह बात आयी ही होगी।

चर्चाओं के अनुसार अगर इस खबर पर एमसीएमसी के द्वारा संज्ञान नहीं लिया जाकर इस मामले से जिला निर्वाचन अधिकारी या उप जिला निर्वाचन अधिकारी को अवगत नहीं कराया गया इससे तो यही बात सामने आती है कि एमसीएमसी के द्वारा भी सतर्कता के साथ मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर नहीं रखी जा रही थी।

ज्ञातव्य है कि 17 मई को उप निर्वाचन अधिकारी के द्वारा जिला अस्पताल में तैनात काउंसलर अशोक गौवंशी की ड्यूटी, शिकायतों के निराकरण के लिये दोपहर तीन बजे से रात्रि 08 बजे तक ड्यूटी लगायी गयी थी। इसके बाद 20 मई को जब अशोक गौवंशी सुबह 08 बजे से दोपहर तक अपने दायित्वों के निर्वहन के बाद निर्वाचन कार्यालय में ड्यूटी कर रहे थे तब शाम सात बजे के आसपास उन्हें एक आदेश दिया जाकर उनकी ड्यूटी शाम 04 बजे से रात 12 बजे तक लगा दी गयी थी।

इस तरह बार – बार ड्यूटी के समय में परिवर्तन और लगभग 18 घण्टे लगातार ही ड्यूटी कराये जाने से नाराज अशोक गौवंशी के द्वारा इसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारी से भी की गयी थी। अंततः मंगलवार 21 मई को उनकी ड्यूटी निरस्त कर दी गयी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *