बिना अनुमति तोड़ रहे सरकारी पत्थर!

 

 

शिकायत पर तहसीलदार ने बनायी जप्ति

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। लगभग पौने तीन करोड़ की लागत से बन रहे एरमा जलाशय में नियमों को बलाए ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। जलाशय का निर्माण करा रहे ठेकेदार के द्वारा करहैया ग्राम के पास बिना अनुमति ही पत्थरों का उत्खनन कर उन्हें तोड़ा जा रहा था। इसकी शिकायत होने पर तहसीलदार के द्वारा मौके पर पहुँचकर पत्थरों की जप्ति बनायी गयी है।

तहसीलदार दिलीप हनवते ने बताया कि करहैया के पास जलाशय का निर्माण कर रही कंपनी खनन कर रही है। कंपनी के पास खनन करने की अनुमति नहीं है। बिना अनुमति खनन किये जाने की जानकारी के बाद जब मौके पर पहुँचकर पड़ताल की गयी तो वहाँ लगभग 20 ट्रॉली से अधिक खनन किये गये पत्थर मिले। तहसीलदार दिलीप हनवते ने आगे बताया कि सभी पत्थर की जप्ती बनायी गयी है।

2.75 करोड़ से हो रहा है जलाशय का निर्माण : इधर, सहायक यंत्री डी.आर. चौधरी ने बताया कि जनवरी 2018 से लगभग 2.75 करोड़ रूपये की लागत से जलाशय का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य को मई में पूरा करना है। अभी तक लगभग 50 फीसदी कार्य हुए हैं। कंपनी बिना अनुमति पत्थर खनन कर रही है। इसकी जानकारी होने से उन्होंने इंकार कर दिया।

200 हेक्टेयर खेत की होगी सिंचाई : एरमा जलाशय के साथ लगभग तीन किलोमीटर नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस जलाशय से लगभग 200 हेक्टेयर रकबे के खेतों की सिंचाई होगी। वर्तमान समय में इस क्षेत्र के खेत पूरी तरह से बारिश के फसलों पर निर्भर है। जलाशय के निर्माण के बाद खेतों को सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध होगा। बताया जाता है कि इससे किसानों की माली हालत में सुधार होगा।

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