अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लगी सेंध!

 

 

जिला कलेक्टर की प्राथमिकता पर अस्पताल, चोरी गया नवजात!

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह भले ही जिला अस्पताल की सूरत बदलने का प्रयास कर रहे हों पर यहाँ पदस्थ अधिकारियों की सीरत नहीं बदलने से जिला अस्पताल प्रयोगशाला में तब्दील होता दिख रहा है। जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक अज्ञात महिला के द्वारा शुक्रवार की सुबह नवजात को चोरी कर लिया गया।

जिला चिकित्सालय में सुरक्षा व्यवस्था की क्या स्थिति है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंजान महिला वार्ड में दो-तीन दिन से अकारण मौजूद रहती है लेकिन उससे वहाँ बने रहने का कोई कारण जानने की कोशिश किसी संबंधित के द्वारा नहीं की जाती है।

इसी तरह की लापरवाही के चलते जिला चिकित्सालय से एक नवजात शिशु चोरी चला गया और किसी को भनक तक नहीं लग सकी। पुलिस सूत्रों से घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार कुरई थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम पोतलई निवासी मोनिका (20) पति संतोष उईके को मंगलवार 21 मई को मेटरनिटी वार्ड में भर्त्ती किया गया था।

बुधवार 22 मई को श्रीमति मोनिका ने एक नवजात शिशु को जन्म दिया जिसके बाद उन्हें जिला चिकित्सालय के पीएनसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। बताया जाता है कि शुक्रवार 24 मई की सुबह लगभग छः बजे मोनिका की सास नित्यकर्म से निवृत्त होने के लिये वार्ड से निकलकर नीचे चली गयीं। इस दौरान पीएनसी वार्ड में श्रीमति मोनिका के साथ उनका नवजात शिशु था जो रो रहा था, कोई अन्य परिजन उनके साथ नहीं था।

बताया जाता है कि नवजात शिशु को रोता देखकर एक अज्ञात महिला श्रीमति मोनिका के पास पहुँची और उस महिला ने नवजात शिशु को अपनी गोदी में लेकर रोते हुए शिशु को चुप कराने की बात कही जिससे श्रीमति मोनिका ने इंकार नहीं किया। उक्त अज्ञात महिला ने नवजात शिशु को अपनी गोदी में लिया और चुप कराने के बहाने वार्ड से बाहर निकल गयी जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी।

श्रीमति मोनिका की सास जब वापस पीएनसी वार्ड में लौटीं तब उन्होंने श्रीमति मोनिका से बच्चे के बारे में पूछा। इसके बाद उक्त अज्ञात महिला और बच्चे की तलाश आरंभ कर दी गयी। इसके साथ ही इस घटना की सूचना डायल 100 को दे दी गयी। सूचना के बाद मौके पर पहुँची पुलिस के द्वारा आनन – फानन में जाँच आरंभ करते हुए सीसीटीव्ही के फोटेज भी खंगालना आरंभ किया गया।

जिला चिकित्सालय में उपस्थित लोगों का कहना है कि पुलिस को जिला चिकित्सालय में लगे सीसीटीव्ही से कोई खास मदद नहीं मिल सकी जो इस बात का सुबूत है कि जिला चिकित्सालय परिसर में लगे सीसीटीव्ही कैमरे किस प्रयोजन से लगवाये गये होंगे और इस चिकित्सालय परिसर की सुरक्षा को कितनी तवज्जो जिला चिकित्सालय प्रबंधन के द्वारा दी जा रही होगी।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय होगा कि जिला चिकित्सालय सिवनी में सुरक्षा का ठेका ऊँचे दामों पर एक निजि कंपनी को दिया गया है जिसके सुरक्षा कर्मी भी यहाँ तैनात हैं। लोगों का कहना है कि ये सुरक्षा कर्मी वर्दी लगाकर इधर से उधर टहलते मात्र रहते हैं और ज्यादातर समय मोबाईल पर ही बिताते रहते हैं। वार्ड में कौन जा-आ रहा है इससे कोई सरोकार, यहाँ नियुक्त किये गये सुरक्षा कर्मियों को नजर नहीं आता है।

लोगों का कहना है कि जिला चिकित्सालय सिवनी की सुरक्षा के लिये पाबंद एजेंसी किसी हद तक लापरवाह है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक अज्ञात महिला पीएनसी वार्ड में दो-तीन दिन से अकारण मौजूद रहती है लेकिन उससे कोई पूछताछ नहीं की जाती है। इस वार्ड की प्रभारी सी. खान हैं जिन्हें भी वार्ड की व्यवस्था से कोई मतलब नहीं बताया जाता है।

अलबत्ता जब बच्चा चोरी होने की घटना हो गयी तब उसके बाद वार्ड प्रभारी सी.खान के द्वारा, जिम्मेदार लोगों के ही पीएनसी वार्ड में प्रवेश पर आपत्ति दर्ज की जाने लगी। लोगों का कहना है कि वार्ड प्रभारी सी.खान के रवैये में आया उक्त बदलाव सिर्फ इसलिये था ताकि घटना की जानकारी सार्वजनिक न हो सके। बहरहाल, पुलिस के द्वारा सर्किट हाउस चौराहा जैसे स्थानों पर लगे सीसीटीव्ही कैमरों की फोटेज खंगालते हुए जाँच को गंभीरता से अंजाम दिया जा रहा है।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि जिलाधिकारी प्रवीण सिंह अढ़ायच के द्वारा जिला अस्पताल को अपनी विशेष निगरानी में रखा गया है। उनके द्वारा अस्पताल का निरीक्षण अनेकों बार किया जाकर संबंधितों को दिशा निर्देश भी जारी किये जा चुके हैं। इसके बाद भी जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड से एक नवजात की चोरी अपने आम में अजूबा से कम इसलिये नहीं है, क्योंकि जिलाधिकारी के राडार पर वर्तमान में जिला अस्पताल चल रहा है।

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