केंद्र में सिवनी को मिला प्रतिनिधित्व

 

 

(शरद खरे)

नरेंद्र मोदी की लहर के चलते देश में भारतीय जनता पार्टी ने तीन सैकड़ा का आँकड़ा भी पार कर लिया। इसे मोदी का करिश्माई नेत्तृत्व माना जाये या काँग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं की शर्मनाक हार! ब्रहस्पतिवार को हुए मंत्रीमण्डल विस्तार में सिवनी जिले को नरेंद्र मोदी सरकार में प्रतिनिधित्व मिला है।

सिवनी जिले से केंद्र में पहली बार गार्गी शंकर मिश्र को मंत्री बनाया गया था। वे सिवनी से अस्सी के दशक में सांसद रहे हैं। उस दौरान उन्हें पेट्रोलियम मंत्री बनाया गया था। उस दौर में स्व.विमला वर्मा एवं स्व.गार्गी शंकर मिश्र के बीच कुछ इस तरह का सामंजस्य था कि दोनों ने मिलकर सिवनी के विकास की इबारत लिखी।

गार्गी शंकर मिश्र के बाद जब सुश्री विमला वर्मा सांसद बनीं और उनके लंबे राजनैतिक अनुभव के चलते उन्हें केंद्र में मानव संसाधन और विकास मंत्री बनाया गया तो उन्होंने अपने प्रभावों का पूरा पूरा उपयोग करते हुए सिवनी के विकास के लिये हर संभव प्रयास किये।

सुश्री विमला वर्मा के सक्रिय राजनीति से किनारा करने के बाद केंद्रीय मंत्रीमण्डल में प्रतिनिधित्व के मामले में सिवनी की झोली रीति ही रही। परिसीमन के उपरांत सिवनी की लोकसभा सीट का विलोपन हो गया। इसके स्थान पर सिवनी की पाँच में से चार बची विधान सभा सीटों में से बरघाट और सिवनी को बालाघाट एवं लखनादौन तथा केवलारी को मण्डला लोकसभा में समाहित कर दिया गया।

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधान मंत्री बनने के बाद सिवनी के एक सांसद (मूलतः मण्डला संसदीय क्षेत्र) फग्गन सिंह कुलस्ते को केंद्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री बनाया गया था। फग्गन सिंह कुलस्ते अगर चाहते तो केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक डिस्पेंसरी तो कम से कम सिवनी में खोली ही जा सकती थी। सौगातों के मामले में फग्गन सिंह कुलस्ते ने सिवनी को कुछ भी नहीं दिया। फग्गन सिंह कुलस्ते एक बार फिर केंद्र में मंत्री बने हैं। उम्मीद की जानी चाहिये कि वे सिवनी के लिये केंद्र सरकार से कुछ न कुछ सौगात अवश्य दिलवायेंगे।

इसके साथ ही साथ सिवनी संसदीय क्षेत्र से जुड़े एक और सांसद केंद्र में मंत्री बने हैं। वे हैं प्रहलाद सिंह पटेल, जिन्होंने अपना वास्तविक जनसेवक वाला जीवन सिवनी से ही आरंभ किया है। वे सिवनी से 1989 में पहली बार एवं 1991 में दूसरी बार सांसद बने थे। प्रहलाद सिंह पटेल आज भी सिवनी के लोगों के जीवंत संपर्क में हैं। सिवनी में खुशी का मौका हो या गम का, अगर प्रहलाद सिंह पटेल सिवनी के आसपास हैं तो निश्चित तौर पर उनकी उपस्थिति सिवनी में दिखायी दे जाती है। सिवनी से प्रहलाद सिंह पटेल का मोह किसी से छुपा नहीं है। इस बार वे केंद्र में मंत्री बने हैं तो उम्मीद की जानी चाहिये कि वे विकास की राह देख रहे सिवनी की झोली में कुछ न कुछ बेहतर सौगात डालने का प्रयास अवश्य करेंगे . . .!