नहीं सूखता यह रहस्यमयी कुण्ड!

 

(ब्यूरो कार्यालय))

घंसौर (साई)। जिले के किंदरई गाँव में वर्षों से एक प्राचीन कुण्ड लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यह कुण्ड कभी नहीं सूखता है, बल्कि भीषण गर्मी और जल संकट के दिनों में लोगों के लिये यह कुण्ड वर्षांे से संजीवनी का काम कर रहा है और इसलिये ग्रामीण इस कुण्ड को गाँव के लिये भगवान का दिया हुआ वरदान मानते आ रहे हैं।

चमत्कार से कम नहीं : जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलो मीटर की दूरी पर स्थित किंदरई गाँव में स्थित यह कुण्ड अपनी कई प्राचीन मान्यताओं के लिये जाना जाता है। गौरतलब होगा कि आदिवासी ब्लॉक घंसौर के अधिकांश क्षेत्रों में पथरीली और बंजर जमीन है, जिसकी वजह से इस ब्लॉक के ज्यादातर सभी इलाकों में मार्च से ही पानी की समस्या सामने आना आरंभ हो जाती है। मई और जून में यहाँ रेगिस्तान की तरह हालात बन जाते हैं, लेकिन इसी ब्लॉक में किंदरई गाँव में बना पानी का एक प्राचीन कुण्ड किसी चमत्कार से कम नहीं है।

साल भर निकलता है मीठा पानी : गाँव के चौपाल पर बने शिव मंदिर के नीचे से निकली जल धारा पर यह कुण्ड बना हुआ है। जल धारा से धीरे – धीरे पानी बाहर आकर कुण्ड में जमा होता है। कुण्ड से 12 महीने ही मीठा पानी निकलता है और इस पानी को लोग पीने और अन्य जरूरत के लिये यहाँ से ले जाया करते हैं। बताया जाता है कि इस कुण्ड का पानी कभी न घटता है और न बढ़ता है। एक अनुपात में कुण्ड में सदैव पानी भरा रहता है।

आसपास के गाँव के लोग पेय जल और अन्य जरूरतों के लिये इस कुण्ड से पानी ले जाया करते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कुण्ड में कभी भी पानी खत्म नहीं होता है। इसके अलावा कुण्ड के पानी से कोई बीमार भी नहीं पड़ता है। एक हैरान कर देने वाली बात भी बतायी जाती है कि संपूर्ण घंसौर में पानी के कुंए तालाब हैंड पंप सूख जाते हैं लेकिन यह कुण्ड आज तक नहीं सूखा है। इस क्षेत्र के वाशिंदे बताते हैं कि जब आसपास और दूर दराज के गाँवों में पानी की समस्या आती है, तब वे भी इस कुण्ड से पानी ले जाते हैं।

ग्रामीणों की आस्था : इस कुण्ड की गाँव में वर्षों से चली आ रही सभी प्राचीन मान्यताएं आज भी बनी हुई हैं, इसलिये गाँव के बुजुर्ग इस कुण्ड को भगवान शिव का दिया हुआ वरदान मानते हैं। अधिकांश ग्रामीण इसे नर्मदा माई तो बहुत से इसे गंगा मैया और पाताल गंगा का अवतार भी मानते हैं। शायद यही कारण है कि गाँव वालों ने इस कुण्ड को आस्था के धागों में पिरोते हुए, अच्छे से संजोकर रखा हुआ है।

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