कंपनियों के ब्रांड एंबेसेडर बने काँग्रेसी विधायक!

 

 

की वरूण व कोठारी कंपनी की सामग्री खरीदने सिफारिश!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। जिले के सात विकास खण्डों में आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत विशेष केंद्रीय सहायता से गरीब किसानों को वितरित होने वाले बिजली के मोटर पंप एवं अन्य सामग्री खरीदने के लिये जिले के दो काँग्रेसी विधायकों ने कोठारी और वरूण कंपनी की सामग्री खरीदने की सिफारिश की है।

आदिवासी विकास विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि केंद्र पोषित इस योजना के तहत जिले के 574 गरीब हितग्राहियों को जिले में एक करोड़ 72 लाख 20 हजार रूपये के बिजली के मोटर पंप और अन्य सामग्री का वितरण किया जाना है।

सूत्रों ने आगे बताया कि इस योजना के तहत सभी पात्र हितग्राहियों किसानों के बैंक खातों में जनपद पंचायतों के जरिये नियमानुसार तीस – तीस हजार रूपये डाल दिये गये हैं ताकि किसान अपनी मर्जी से किसी भी कंपनी के मोटर पंप और कृषि कार्य हेतु अन्य सामग्रियां क्रय कर सकें।

सूत्रों ने बताया कि किसानों के आश्चर्य का उस समय ठिकाना नहीं रहा जब उनके खातों में डाली गयी रकम को उनकी जानकारी बिना ही वापस ले लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के उपरांत चार माह बीत जाने के बाद भी किसानों के खाते में न तो तीस हजार वापस आये और न ही उन्हें किसी तरह की कृषि उपयोग की सामग्री ही मिल पायी।

सूत्रों ने आगे बताया कि इस मामले में झोलझाल का पता बाद में चला। इसके उपरांत जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के द्वारा किसानों के बैंक खातों में डाली गयी राशि को एक पत्र के जरिये वापस लिया जाकर उसे मध्य प्रदेश स्टेट एग्रो इंडिया डेवलपर्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की सिवनी ईकाई के खातों में डलवा दिया गया।

सूत्रों ने बताया कि आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाओं के संचालनालय के द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस मद में चिन्हित किसानों को तीस हजार रूपये की राशि दिये जाने के बाद किसान अपने खुद के हस्ताक्षरों से जारी किये गये धनादेश (चेक) के जरिये शासन के मानकों के अनुरूप किसी भी कंपनी की सामग्री खरीद सकते हैं।

इधर, एमपी एग्रो के जिला प्रबंधक ए.के. नेमा ने बताया कि वरूण के मोटर पंप और कोठारी कपंनी के पाईप को किसानों को प्रदाय करने के लिये काँग्रेस के लखनादौन विधायक योगेंद्र सिंह और बरघाट के काँग्रेसी विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया के द्वारा अनुशंसा करते हुए पत्र लिखा गया है। इस संबंध में दोनों ही विधायकों से उनका पक्ष जानने के संबंध में संपर्क किया गया किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

(क्रमशः जारी)

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