जून में सिर्फ 6 दिन खुलेंगे स्कूल

 

 

 

 

अभिभावक बोले- समायोजित करें फीस

(ब्यूरो कार्यालय)

इंदौर (साई)। इंदौर सहित प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने 24 जून से ही स्कूल खोलने का आदेश जारी किया है। इसके पहले स्कूलों ने 11 जून और बाद में 17 जून से स्कूल खोलने की सूचना पालकों को दी थी। नए आदेश के बाद जून में सिर्फ सात दिन ही स्कूल लगने की संभावना है।

उधर, निजी स्कूल अप्रैल से जुलाई तक की फीस ले चुके हैं। कई परिजनों का कहना है कि जून में स्कूल लगा ही नहीं तो स्कूलों को इस माह की एजुकेशन फीस, बस फीस और लंच फीस की राशि या तो लौटाना चाहिए या अगली किस्त में समायोजित करना चाहिए। हालांकि कई प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों का तर्क है कि वे छात्रों से 10 माह की ही फीस लेते हैं। गर्मी या बारिश के कारण जब स्कूलों की छुट्टी घोषित करना पड़ती है, वे उन दिनों की कक्षाओं को छुट्टियों में एडजस्ट करते हैं।

इस बार अधिकांश स्कूलों में 12 दिन देर से पढ़ाई शुरू होगी। ऐसे में कोर्स पूरा कराने के लिए मशक्कत करना होगी और कई स्कूल वर्ष के अन्य महीनों में आने वाली छुट्टियों के दिनों में भी कक्षाएं लगाएंगे। पिछले वर्ष कुछ स्कूलों ने छात्रों की छुट्टियां ज्यादा होने पर रविवार को भी कक्षाएं लगाई थीं। इंदौर पालक संघ के अध्यक्ष अनुरोध जैन के मुताबिक जून में कम दिन स्कूल लगने पर स्कूलों की बस सुविधा व मैस सुविधा का लाभ कम दिन मिलेगा। ऐसे में जितने दिन जून में स्कूल नहीं लगें, उसकी बस व मैस फीस पालकों को लौटाई जाए। इस संबंध में हम जिला शिक्षा अधिकारी से भी बात करेंगे। पालक जितेंद्र गर्ग के अनुसार स्कूल वाले भले ही कहते हैं कि वे दस माह की फीस लेते हैं लेकिन वसूलते हैं पूरे 12 माह की फीस।

सिर्फ 10 माह की ही लेते हैं फीस

अभी हमें 24 जून से स्कूल खोलने का आदेश शासन की ओर से नहीं मिला। सोमवार को जैसे ही ऐसा कोई आदेश आएगा, हम सभी प्राइवेट स्कूलों को भेज देंगे। स्कूल संचालक अभिभावकों से सिर्फ 10 माह की ही फीस लेते हैं। गर्मी या बारिश के कारण जिन दिनों में स्कूल नहीं लगते, तब अन्य छुट्टियों व कई बार रविवार को भी छात्रों की कक्षाएं लगाते हैं। स्कूल शिक्षकों, बस ड्राइवर, कंडक्टर को वेतन देते हैं। ऐसे में महीने में कुछ दिन स्कूल लगने पर फीस की राशि कम नहीं की जा सकती।

रीना खुराना, अध्यक्ष,

सहोदय ग्रुप

12 माह होता है व्यवस्थाओं पर खर्च

सभी स्कूल अपने यहां बस स्कूल व मैस की फीस एक सत्र की लेते हैं जो अप्रैल से मार्च तक का होता है। इस सेशन में छात्रों से जो फीस ली जाती है और पूरे सत्र में 12 माह अपनी व्यवस्थाओं पर खर्च करती है। इसमें मेंटेनेस शुल्क, टैक्स, कर्मचारियों का वेतन आदि होता है। सामान्यतः बस शुल्क व मैस सुविधा का शुल्क 10 माह का ही लिया जाता है। ऐसे में जून में कुछ दिन स्कूल नहीं खुलने पर बस व मैस फीस लौटाने की बात करना सही नहीं है।

मोहित यादव,

पूर्व अध्यक्ष,

सहोदय ग्रुप

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