अधिकारियों को रास नहीं आयी खूबसूरती

 

 

बिजना जलाशय का रेस्ट हाउस बदहाली की ओर!

(फैयाज खान)

छपारा (साई)। बिजना जलाशय विश्राम गृह के नाम से प्रसिद्ध ग्राम पंचायत इमलिया में स्थित वॉच टॉवर इन दिनों दुर्दशा का शिकार है। परिसर बदहाल स्थिति में पहुँच गया है और छत का हिस्सा टूटकर गिर रहा है। बाउंड्रीवाल भी टूट चुकी है।

पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग ने बिजना जलाशय बाँध का निर्माण 40 साल पहले कराया था। आसपास वन क्षेत्र होने के कारण कभी यहाँ मंत्री, विधायक और बड़े अधिकारी छुट्टियां बिताने आते थे। जिले के साथ ही आसपास क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में यहाँ वीकएंड पर सैर सपाटे के लिये पहुँचते थे। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते आज बिजना जलाशय का विश्राम गृह व आसपास विकसित किया गया क्षेत्र दुर्दशा का शिकार होकर रह गया है।

सिंचाई विभाग का रवैया भी उदासीन ही बना रहा। ग्रामीणों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों के द्वारा कई बार इसके सुधार के लिये जिम्मेदारों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस रही।

बाँध के किनारे स्थित होने के कारण यह स्थान लोगों के लिये रमणीय है। चारों तरफ शांति का वातावरण हर किसी को पसंद आता है। विश्राम गृह से बाँध का दृश्य बहुत ही मनोरम दिखता है। लोगों की माँग है कि यदि सिंचाई विभाग इसका जीर्णोंद्धार नहीं कर सकता है तो पर्यटन विभाग को इसे सौंप देना चाहिये, ताकि इस मनोरम स्थल का कायाकल्प हो सके।

बिजना जलाशय के विश्राम गृह में पाँच सात साल पहले तक छुट्टियां बिताने वालों और पिकनिक मनाने वाले लोगों का तांता लगा रहता था। बदहाल होती स्थिति के चलते धीरे – धीरे लोगों की भीड़ कम होती गयी। हालांकि, अभी भी कुछ स्कूलों के बच्चों और ग्रामीणों का यहाँ आना – जाना लगा रहता है, लेकिन कोई भी यहाँ अब ज्यादा समय तक नहीं रुकता है। क्षेत्र में एकमात्र घूमने लायक स्थान होने के कारण ग्रामवासी इस स्थान का कायाकल्प चाहते हैं, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते ग्रामीणों की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।

गौरतलब है कि बिजना जलाशय में बने विश्राम गृह व आसपास के मनोहारी दृश्य को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की योजना भी बनायी गयी थी लेकिन बाद में विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिये जाने के कारण यहाँ का सौंदर्य छिन गया और जो क्षेत्र पर्यटन के रूप में विकसित किया जाना था वह लापरवाही के चलते दुर्दशा का शिकार हो गया।

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