सरकार के छः महीने, कांग्रेस और सरकार देगी जनता को हिसाब

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। कमल नाथ सरकार के छह महीने पूरे होने पर सोमवार को प्रदेश के मंत्री, विधायक और कांग्रेस पदाधिकारी जनता के बीच सरकार के कामकाज का ब्यौरा रखेंगे। इसमें तीन माह (लोकसभा चुनाव की आचार संहिता को छोड़कर) में सरकार ने किसानों की कर्जमाफी से लेकर जो भी कदम उठाए हैं, उनकी जानकारी दी जाएगी।

जनसपंर्क मंत्री पीसी शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा में दावा किया कि भले ही भाजपा नेता सरकार के अस्थिर होने का दुष्प्रचार करें पर वास्तविकता यह है कि सभी 121 विधायक चट्टान की तरह मुख्यमंत्री के साथ खड़े हैं। विधायक दल की बैठक में यह बात दस्तखत करके भी कह चुके हैं। सभी मंत्रियों ने भी हस्ताक्षर करके कह दिया है कि मुख्यमंत्री जिसे चाहें मंत्री रखें या हटा दें। हम सभी साथ-साथ हैं। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को मंत्रियों को हटाने और निर्दलीय विधायकों को मौका देने संबंधी पत्र लिखे जाने की जानकारी होने से इनकार किया।

पी.सी. शर्मा ने पत्रकारवार्ता में कहा कि भाजपा सरकार खाली खजाना और पौने दो लाख करोड़ रुपए का कर्ज छोड़कर गई थी। मुख्यमंत्री कमल नाथ के मैनेजमेंट से 21 लाख किसानों को कर्जमाफी मिल गई तो सामाजिक सुरक्षा पेंशन 300 से बढ़ाकर 600 रुपए महीना हो गई। किसानों का बिजली बिल आधा हो गया तो उद्योगों को भी चंद घंटों के भीतर अनुमतियां मिलना शुरू हो गईं।

आपने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों के प्रति बहुत संजीदा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में भी उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में दिए जाने वाले छह हजार रुपए सालाना को कम बताते हुए इसे बढ़ाने, ई-पेमेंट सिस्टम को सुधारने और किसान फसल बीमा योजना को सरल करने के साथ गेहूं का कोटा बढ़ाने की बात रखी।

कर्जमाफी का दूसरा चरण शीघ्र : जनसंपर्क मंत्री ने दावा किया कि सरकार ने 21 लाख किसानों की कर्जमाफी कर दी है। संबंधित बैंकों से किसानों को नो-ड्यूज सटिर्फिकेट भी मिल चुके हैं। बाकी किसानों की कर्जमाफी के लिए दूसरा चरण इसी माह से शुरू होगा। किसानों के बिजली बिल आधे करने की बात हो या फिर 160 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं की प्रोत्साहन राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 300 से बढ़ाकर 600 रुपए करना, कन्यादान योजना की राशि 21 हजार से बढ़ाकर 51 हजार करना सहित कई फैसले हैं, जो लिए गए।

याद नहीं आई मोहल्ला समिति : पी.सी. शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मोहल्ला समिति बनाए जाने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 15 साल के शासन में इसकी याद क्यों नहीं आई। बेटी बचाओ के नारे देते हैं पर यह नहीं बताते कि प्रदेश उनके शासनकाल में बच्चियों और महिलाओं पर अत्याचार के मामले में देश में नंबर एक पर था।

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