22 को चढ़ेगा आर्द्रा, फिर बनेगा बारिश का योग!

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भीषण गर्मी के बाद उमस झेल रहे लोगों को मॉनसून का बेसब्री से इंतजार है। वहीं, ज्योतिषाचार्य भी बारिश के आँकलन में जुटे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आद्रा नक्षत्र में बारिश की संभावना है।

आर्द्रा नक्षत्र में होगी बारिश : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 22 जून को आर्द्रा चढ़ेगा। यह नक्षत्र बारिश का है। स्त्री – पुरुष और चंद्र – सूर्य का योग बनेगा। आर्द्रा में ही बारिश के आसार हैं।

पुनर्वसु नक्षत्र में होगी झमाझम बारिश : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 20 जून से वर्षा आरंभ हो सकती है। आर्द्रा नक्षत्र का प्रवेश 22 जून को मीन लग्न में हो रहा है। मगेश शनि होने पर वर्षा में कमी हो जाती है। छः जुलाई को पुनर्वसु नक्षत्र की शुरुआत होगी इसमें ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 18 से 20 जुलाई के बीच होगी। साथ ही साथ मंगल का 23 जून से कर्क राशि में और बुध 08 जुलाई को कर्क राशि में वक्री होगा। इस दरमियान अच्छी वर्षा के संकेत मिल रहे हैं। सूर्य का 16 जून से बुध की राशि मिथुन में प्रवेश होने से आँधी – तूफान के संकेत भी हैं।

कम बारिश की आशंका : वहीं ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस साल वर्षा ऋतु में वर्षा की संभावना कम रहेगी। इस वर्ष की आर्द्रा प्रवेश कुण्डली में मंगल ग्रह का सूर्य से आगे होने के कारण वर्षा की कमी रहेगी। वृहद पराशर होरा शास्त्र के अनुसार – आगे मंगल पीछे भान वर्षा होए ओस समान। हालांकि, लग्न जलीय है लेकिन इस वर्ष का जल स्तंभ भी कम होने के कारण वर्षा की कमी रहेगी। वक्री शनि तथा वक्री बृहस्पति वर्षा में रुकावट लेकिन बृहस्पति जलीय राशि में तथा अमृत नाड़ी में होने के कारण जैसे ही मार्गी होंगे अच्छी वर्षा देंगे।

छः जुलाई के बाद अच्छी बारिश की संभावना : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देश की कुण्डली के हिसाब से अभी चंद्रमा में गुरु की अंतर्दशा चल रही है। इसमें अन्य आर्थिक उपलब्धि के साथ सामान्य से बढ़िया बारिश के योग हैं। वैसे सूर्य के 08 जून से 22 जून तक मृगशिरा नक्षत्र में सामान्य वर्षा ही होगी। 22 जून से आर्द्रा नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश के साथ बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। अच्छी बारिश की 06 जुलाई के बाद ही आशा की जा सकती है।

सूर्य के आर्द्रा में होने से बारिश और नमी : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य के आकाश मण्डल के 27 नक्षत्रों में छठे नक्षत्र आर्द्रा में प्रवेश होने से सामान्य बारिश होती है। इस नक्षत्र के स्वामी राहू हैं जबकि अधिपति रूद्र यानी शिव। राशि के स्वामी बुध व नक्षत्र स्वामी मिथुन हैं। आर्द्रा संस्कृत नाम है।

गर्मी में हुई बढ़ौत्तरी : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि व केतु के धनु राशि में साथ रहने से गर्मी में वृद्धि हो गयी है। इससे चक्रवात तूफान के साथ वातावरण में तपिश अधिक होगी। ज्योतिषी प्रशांत कुमार की मानें तो वर्तमान में प्रचण्ड गर्मी के लिये गुरु एवं शनि की वक्र दृष्टि भी जिम्मेवार है।

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