निपाह वायरस : तीन जिलों में मरे हजारों चमगादड़!

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश के तीन जिलों गुना, नरसिंहगढ़ और बालाघाट में हजारों चमगादड़ की अचानक मौत के बाद वन विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने मैदानी अफसरों को सचेत रहने के निर्देश दिए हैं।

उधर, चमगादड़ों की मौत के बाद से जिलों में निपाह वायरस को लेकर दहशत का माहौल है। हालांकि गुना से जांच कर लौटे पशु चिकित्सकों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण हीट स्ट्रोक लगता है, लेकिन तीन संस्थानों को भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही सही स्थिति पता चलेगी।

गुना के विजयपुर स्थित उर्वरक संयंत्र नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल) में पिछले हफ्ते ढाई हजार से ज्यादा चमगादड़ों की मौत हुई है। ऐसे ही राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ कस्बे में सैकड़ों की संख्या में चमगादड़ मरे हैं। बालाघाट से भी ऐसी ही सूचना है।

गुना में चमगादड़ों से फैलने वाले निपाह वायरस को लेकर दहशत का माहौल है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने हाई अलर्ट जारी किया है। साथ ही एनएफएल परिसर में रहने वाले 700 परिवार और आसपास के 10 गांवों के रहवासियों के स्वास्थ्य की जांच शुरू कर दी है।

वायरस के खतरे को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग ने भोपाल से पांच पशु चिकित्सकों की टीम भेजी थी, जिसने मौके की पड़ताल की है। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. जयंत तपासे कहते हैं कि चमगादड़ों की मौत का कारण डिहाईड्रेशन या हीट स्ट्रोक हो सकता है। वे कहते हैं कि पिछले दिन प्रदेश के कई शहरों में तापमान काफी रहा है। इससे ऐसी स्थिति बन सकती है, लेकिन मौत की असल वजह तीनों संस्थानों से रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।

हाई सिक्योरिटी लैब को भेजे सैंपल : निपाह वायरस की मौजूदगी का पता लगाने के लिए मृत चमगादड़ों का पोस्टमार्टम कर सैंपल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल भेजे गए हैं। लैब सोमवार या मंगलवार तक रिपोर्ट दे सकता है। वहीं चमगादड़ों की मौत जहर या किसी अन्य दवा के कारण तो नहीं हुई है, इसका पता लगाने के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली भी सैंपल भेजे गए हैं। इसके अलावा स्टेट डिसीज इन्वेस्टीगेशन लैब में भी सैंपलों की जांच की जा रही है।

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