मनमाना किराया वसूल रहे बस संचालक

 

 

बसों से किराया सूची नदारद!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। परिवहन विभाग की छत्रछाया में इन दिनों सिवनी में बसों का संचालन अकूत कमायी का जरिया बना दिया गया है। बसों में किराया सूची के अभाव में यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है और संबंधित विभागों ने जैसे अपनी आँखों पर पट्टी ही बाँध ली है।

गौरतलब होगा कि सरकार के द्वारा सामान्य प्रक्रम वाहनों के लिये एक रूपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया निर्धारित किया गया है। स्थिति यह है कि सिवनी के आसपास के सभी मार्गों पर बस संचालकों के द्वारा सवा रूपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया वसूला जा रहा है। इस संबंध में यात्री बताते हैं कि किराया वसूलते समय उनके समक्ष बस एजेण्ट एक गुण्डे की तरह पेश आते हैं जिनके द्वारा जबरन ही ज्यादा किराया वसूला जाता है।

यात्रियों के साथ सबसे बड़ी परेशानी की बात यह बतायी गयी है कि बसों में नियमानुसार किराया सूची ही चस्पा नहीं करवायी जा सकी है जिसके कारण बस एजेण्ट जितना किराया बोलते हैं उतना किराया यात्रियों को देना होता है। मजे की बात तो यह है कि इस तरह से मची हुई लूट का एक पक्ष ये भी है कि किराया लेने के बाद जो टिकिट यात्रियों को एजेण्टों के द्वारा थमायी जाती है उसमें स्पष्ट तौर पर कहीं अंकित नहीं होता है कि जो राशि वसूली जा रही है वह किस स्थान तक के लिये है।

ब्रॉडगेज़ के कारण नैरोगेज़ को भी सिवनी से गायब कर देने के बाद बस संचालकों की चाँदी हो गयी है। ये बस संचालक यात्रियों के सामने अन्य विकल्प न होने के कारण मनमानी करने पर तुले हुए हैं और यात्रियों को होने वाली परेशानी की ओर परिवहन विभाग या अन्य किसी भी जिम्मेदार के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

बताया जाता है कि जबलपुर नागपुर के मध्य सिवनी से होकर लगभग 100 से भी ज्यादा बसों का संचालन इन दिनों किया जा रहा है। ये बसें डीलक्स, एसी, लक्ज़री कोच, स्लीपर, रात्रिकालीन बसों की श्रेणी के नाम पर सभी बसों में अनाप – शनाप और मनमाना किराया वसूला जा रहा है। यात्रियों ने बताया कि मनमाने किराये के बावजूद उन श्रेणियों के आधार पर दी जाने वाली सुविधाएं बसों से नदारद ही रहती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *