नशैले फिर आतंक बरपाने लगे शहर में

 

 

देर रात दोपहिया वाहन चालकों से हो रही मारपीट!

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। कोतवाली पुलिस की लचर कार्यप्रणाली के चलते शहर के चौक चौराहों पर आवारा मनचलों और देर रात घूमने वाले मनचलों की पौ बारह हो रही है। शहर के अनेक चौक – चौराहों पर आधी रात तक नशैलों की भीड़ लगी रहती है। कोतवाली पुलिस की गश्ती सेना का आधी रात तक अता पता ही नहीं रहता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर में बिक रही अवैध और सस्ती शराब के चलते शहर में कमोबेश हर चौक चौराहे पर आधी रात तक नशैलों का जमघट देखा जा सकता है। छिंदवाड़ा नाका, डूण्डा सिवनी, शुक्रवारी, बारापत्थर, सर्किट हाऊस चौराहा, बारापत्थर, जिला चिकित्सालय के पास, भैरोगंज आदि क्षेत्र में देर रात तक युवाओं की भीड़ देखते ही बनती है।

कोतवाली पुलिस के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली पुलिस के द्वारा एक दो दिन तो चुस्ती फुर्ती दिखायी जाती है, किन्तु इसके बाद पुलिस अपने पुराने ढर्रे पर ही लौट आती है। पुलिस की सुस्ती से असामाजिक तत्वों के हौसले फिर बुलंदी पर दिखायी दे रहे हैं।

बताया जाता है कि नशैलों की पौ, रात ग्यारह बजे के बाद ही फटती नज़र आती है। रात ग्यारह बजे के बाद सड़कों पर करतब दिखाते मोटर साईकिल वाहन चालक देखते ही बनते हैं। पुलिस की ढील के चलते एक बार फिर नशैलों ने अपनी कारस्तानी दिखाना आरंभ कर दिया है।

लोगों का कहना है कि कोतवाली पुलिस आखिर देर रात तक घूमने वाले असामाजिक तत्वों और नशैलों के खिलाफ कार्यवाही करने से कतराती क्यों है? लोगों का कहना है कि आम आदमी जब रात में घूमता है तो पुलिस उससे तरह – तरह के सवाल करती है, पर देर रात तेज आवाज में वाहनों के कर्कश हॉर्न और साऊंउ सिस्टम बजाने वालों पर पुलिस की नज़रें इनायत नहीं होतीं।

पुलिस देर रात घूमने वालों से घूमने की वजह भी नहीं पूछती और पुलिस के पास ब्रीदिंग एनेलाईज़र (श्वास में एल्कोहल को मापने वाला यंत्र) होने के बाद भी पुलिस इस तरह के यंत्रों के उपयोग से गुरेज ही करती दिखती है। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था और कोलाहल जैसे विषय, वस्तुतः कोतवाली पुलिस और यातायात पुलिस के बीच ही झूला झूलते दिख रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *