किसके भरोसे छोड़ दिया गया है धान भण्डारण को!

 

 

बरघाट विधायक कर चुके हैं निरीक्षण, नहीं हुई कार्यवाही!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिले भर में सरकारी स्तर पर खरीदी गयी धान के भण्डारण मे लापरवाही के चलते धान खराब होने की स्थिति में आ गयी है। इसके पहले बरघाट क्षेत्र में गीली और अंकुरित हो चुकी धान का निरीक्षण बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया के द्वारा किया गया था। इस मामले में अब तक किसी अधिकारी पर किसी तरह की कार्यवाही न होना आश्चर्य जनक ही माना जा रहा है।

जिला मुख्यालय से महज 07 किलोमीटर दूर कृषि उपज मण्डी के नजदीक देवरी कैप में चार माह पहले तक भण्डारित की गयी लाखों क्विंटल धान खराब होना आरंभ हो गयी है। अभी भण्डारण के लिये बनाये गये सैकड़ों स्टेक में रखी गयी बोरियों की निचली और बाहरी ओर रखी धान में खराबी आयी है लेकिन जल्द कैप में रखी धान का उठाव नहीं हुआ तो नमी के असर से एक बार फिर हजारों क्विंटल धान खराब हो सकती है।

शनिवार को देवरी कैप से उठाव के लिये खोले गये एक स्टेक में धान की दर्जनों बोरियां सड़ी पायी गयी। नमी के असर से बोरियों में रखी धान पत्थर की तरह जम गयी है। हालांकि उठाव के दौरान सड़कर खराब हुई धान व बोरियों को बदलकर नये बारदानों में साफ कर भरा जा रहा है। नमी के कारण धान की गुणवत्ता खराब हो रही है। मिलिंग के दौरान इस धान से तैयार होने वाले चावल में टूट (ब्रोकन) ज्यादा होगा और इसकी गुणवत्ता भी सामान्य धान से कम मिलेगी।

कर्मचारियों की लापरवाही : देवरी कैप में वर्तमान में 04 लाख 25 हजार 741 क्विंटल धान भण्डारित है। 2018 – 2019 में उपार्जित बालाघाट जिले की यह धान जनवरी से अपै्रल के बीच जिले में भण्डारित की गयी है। देवरी कैप में भण्डारित लाखों क्विंटल धान को सुरक्षित रखने विपणन विभाग (मार्कफेड) को सौंपी गयी है। विभागीय अमला धान को सुरक्षित रखने में लापरवाही बरत रहा है।

ओपन कैप में बनाये गये स्टेक को ढकने के लिये तिरपालनुमा पॉलीथिन लगायी गयी हैं। इसे नेट की जालियों से कवर भी किया गया है। इसके बावजूद स्टेक में जगह – जगह हाल ही के दिनों में हुई बारिश का पानी भरा हुआ है। इतना ही नहीं कई स्टेक की तिरपालनुमा पॉलीथिन फटने के बाद इसमें रखी धान की बोरियां दिखायी दे रही हैं। असुरक्षित धान की बोरियों को पॉलीथिन से नहीं ढका गया है।

निचली सतह हो रही प्रभावित : मार्कफेड के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पिछले दिनों हुई बारिश का पानी स्टेक की कई पॉलीथिनों में जमा है जिसे निकाला नहीं गया है। इसके अलावा स्टेक की सबसे नीचे की लेयर में जमा बोरियों को भी पॉलीथिन से ढका नहीं गया है।

नमी को स्टेक से बाहर निकालने के लिये पॉलीथिन में बड़े – बड़े सुराग भी बने हुए हैं लेकिन स्टेक देखकर ऐसा लगता है कि भण्डारण के बाद मार्कफेड के कर्मचारियों ने बोरियों में रखी धान को देखने की भी जहमत नहीं उठायी है।

खराब हो सकती है धान : नियम के अनुसार अपै्रल में भण्डारण के बाद से कैप में रखी धान का उठाव आरंभ हो जाना था ताकि जून माह तक मिलिंग के बाद कैप की धान से तैयार चावल गोदामों में जमा हो सके। अभी तक बड़ी मात्रा में कैप में रखे धान का उठाव नहीं किया जा रहा है। देवरी कैप से मिलिंग के लिये अभी तक 01 लाख 13 हजार क्विंटल धान दी गयी है। कैप में 04 लाख क्विंटल से ज्यादा धान अब भी रखी हुई है।

आने वाले दिनों में होने वाली मॉनसून की जोरदार बारिश से यहाँ रखी धान में नमी आना तय है। वहीं असुरक्षित धान भी बारिश के पानी से गीली हो सकती है। धान के उठाव और सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया तो एक बार फिर कई हजार क्विंटल धान के खराब होने की आशंका बनी हुई है।

ज्ञातव्य है कि लगभग पाँच साल पहले भी इसी तरह की लापरवाही सामने आयी थी। उस दौरान भी बड़ी तादाद में धान सड़ गयी थी। इसके बाद भी आज तक इस मामले में किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई थी। बताया जाता है कि उस समय प्रभारी अधिकारी को इसी लापरवाही के चलते हटाया गया था, पर अब एक बार फिर उनकी पदस्थापना सिवनी में कर दी गयी है।

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