शतरंज के मोहरों की नीलामी देखकर . . .

 

 

 

 

उम्मीद से ज्यादा अगर किसी को मिल जाए तो वो व्यक्ति खुशी से फुला नहीं समाता। ऐसा ही चौंकाने वाला किस्सा स्कॉटलैंड Scotland में रहने वाले एक परिवार के साथ हुआ। उनके परिवार family के एक शख्स ने 55 साल पहले 6 डॉलर यानि लगभग 415 रुपये में शतरंज chess के मोहरे को खरीदा था। उस शख्स को तब इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि जो एंटिक मोहरा वो खरीद रहा है वह इतना कीमती हो सकता है। वहीं लंदन में 2 जुलाई को 12वीं सदी के शतरंज के एक मोहरे की नीलामी की गई। जहां उस पुराने मोहरे की कीमत सौ या लाख में नहीं बल्कि करोड़ों में लगाई गई।

दरअसल, इस मोहरे को साल 1965 में खरीदा गया था। वहीं इस परिवार को पिछले ही महीने अपनी अलमारी से ये शतरंज का मोहरा मिला था। आर्ट डीलर कंपनी सोदबी के जरिए ये मोहरा नीलाम हुआ। जहां मोहरे की 6 करोड़ रुपये में नीलामी लगाई गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शतरंज का मोहरा पिछले 55 सालों से अलमारी में ही रखा हुआ था। ग्रैंड फादर के निधन के बाद ग्रैंड मदर ने इस मोहरे को विरासत के रूप में अलमारी में संजो कर रखा था। उसके बाद उन्होंने परिवार को इस मोहरे को विरासत के तौर पर सौंप दिया था। बताया जा रहा है कि ये बेशकीमती मोहरा 12वीं सदी का है।

कैसा है मोहरे का डिजाइन

शतरंज के इस मोहरे की लंबाई 3.5 इंच है। यह मोहरा किसी दाढ़ी वाले व्यक्ति के डिजाइन का है। इस मोहरे के दाएं हाथ में एक तलवार जैसा हथियार और बाएं हाथ में ढाल है। परिवार को इस बात की कभी उम्मीद नहीं थी कि उन्हें नीलामी में इस मोहरे की इतनी कीमत मिल जाएगी। ऐसे में परिवार को जो राशि मिली वो उनकी उम्मीद के मुकाबले बहुत अधिक थी।

मिली जानकारी के अनुसार ये उन 93 मोहरों में से एक है, जो साल 1831 में मिले थे। अनुमान के मुताबिक इन सभी 93 मोहरों को 12वीं या 13वीं सदी में बनाया गया होगा। इन्हें वॉलरस के दांत से बनाया गया था। इन सभी 93 मोहरों में से 82 लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम और 11 स्कॉटलैंड के नेशनल म्यूजियम में रखे हुए हैं। ये सभी मोहरे नॉर्वे से मिले थे। जानकारों की मानें तो इस तरह के पांच पीस अब भी गायब हैं।

(साई फीचर्स)

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