यत्र तत्र बगरे पड़े हैं पुलिस के स्टॉपर!

 

 

पुलिस को परवाह नहीं अपनी ही संपत्ति की!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। जिला पुलिस बल के पास कितने स्टॉपर, वाच टॉवर हैं, यह बात शायद पुलिस के आला अधिकारियों को भी नहीं पता हो। कागजों पर तो इनकी संख्या दर्ज होगी, पर जमीन स्तर पर कितने स्टॉपर हैं यह बात जानने की फुर्सत जिम्मेदारों को दिखायी नहीं दे रही है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब भी कोई व्हीव्हीआईपी मूवमेंट होता है या यातायात को नियंत्रित करने की आवश्यकता होती है, पुलिस के द्वारा स्टॉपर्स का उपयोग किया जाता है। सालों से यह बात देखी जा रही है कि उपयोग के उपरांत पुलिस के स्टॉपर्स वहीं के वहीं पड़े रह जाते हैं।

कुछ साल पहले कोतवाली पुलिस के स्टॉपर्स को एनटीपीसी के जबलपुर रोड स्थित डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के पास पड़े हुए देखा गया था। इसी तरह पॉलीटेक्निक मैदान पर पड़े स्टॉपर्स गर्मी, धूप, बरसात में सड़े और कबाड़ बीनने वालों के द्वारा इन्हें खुर्द बुर्द कर दिया गया।

हाल ही में पुलिस के स्टॉपर्स बरघाट रोड पर पानी की टंकी के पास रिक्त पड़े एक भूखण्ड पर पानी और दलदल में फंसे पड़े देखे गये हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन स्टॉपर्स को केंद्रीय स्तर की खरीद के तहत खरीदा जाकर जिलों को भेजा जाता है। इसके बाद इनके संधारण में कोताही ही बरती जाती है।

शहर के अनेक स्थानों पर लावारिस हालत में पुलिस के स्टॉपर्स को पड़े हुए देखा जा सकता है। मजे की बात तो यह है कि जब भी किसी के घर पर छत ढालनी हो या कोई कार्यक्रम हो तब इन स्टॉपर्स को अपनी संपत्ति समझकर लोग सड़क को बंद करते भी नज़र आते हैं।

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