जिले में मिलेगी एडवांस एंबुलेंस की सुविधा

 

 

ट्रामा केयर यूनिट पर मौन है प्रशासन

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला प्रशासन द्वारा जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे है। वहीं, एनएचएआई के प्रस्तावित ट्रामा केयर यूनिट एवं जिला अस्पताल में तीन साल से बनकर तैयार ट्रामा केयर यूनिट पर प्रशासन ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार हर जरूरतमंद तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के इन्ही प्रयासों में सिवनी जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगांे को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा जिले को प्राप्त एडवांस लाईफ सपोर्ट एंबुलेंस को कलेक्टर श्री सिंह के निर्देशन में आवश्यक मरम्मत कार्य उपरान्त उपयोगी बनाया गया है।

इसके साथ ही नागपुर के प्रतिष्ठित फर्म द्वारा जिले के 12 पैरामेडिकल डॉक्टर को इस एडवांस एंबुलेंस सह यंत्रों के बेहतर उपयोग का प्रशिक्षण दिलाया गया है। ज्ञातव्य है कि सिवनी जिला सड़क हाईवे से घिरा हुआ हैं तथा इनमें होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से घायलों को त्वरित उपचार हेतु जिला चिकित्सालय लाने एवं जबलपुर, नागपुर जैसे महानगर पहुँचने के लिये एडवांस एंबुलेंस की आवश्यकता होती है। एडवांस लाईफ सपोर्ट एंबुलेंस के मरम्मत एवं प्रशिक्षण का लाभ निश्चित रूप से जरूरतमंदों को मिलेगा। प्रशिक्षित स्टॉफ द्वारा इसके बेहतर उपयोग से गंभीर मरीज़ों को स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।

पैरामेडिकल डॉक्टर को दिये गये प्रशिक्षण की गुणवत्ता के अवलोकन हेतु कलेक्टर प्रवीण सिंह शनिवार 13 जुलाई को जिला चिकित्सालय पहुँचे जहाँ उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टरों से एंबुलेंस के यंत्रो के उपयोग एवं कार्यविधि के बारे में जाना साथ ही तक्षप्रश्न भी किये। इस अवसर में सिविल सर्जन डॉ.विनोद नावकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.के.सी. मेश्राम भी उपस्थित थे। अवलोकन उपरांत कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा प्रशिक्षित डॉक्टरों की सराहना कर संतोष व्यक्त किया गया।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि सिवनी जिले के फोरलेन के बायपास पर एक ट्रामा केयर यूनिट प्रस्तावित था, जिसे वर्ष 2010 में बनकर तैयार हो जाना चाहिये था। इसके अलावा अन्य केंद्रीय इमदाद पर जिला अस्पताल परिसर में लगभग तीन साल पहले एक ट्रामा केयर यूनिट के लिये भवन तो बनाया गया है पर यह भवन अभी भी रिक्त ही पड़ा हुआ है के मसले पर जिला प्रशासन ने अपना मौन नहीं तोड़ा है।

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