प्रमोशनल कार्यक्रम हुआ चर्चित

 

 

इनके चलते क्लीनिकल एस्टब्लिशमेंट एक्ट हो जाता है मौन!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला मुख्यालय के उपनगरीय क्षेत्र में नागपुर के एक निजि चिकित्सालय के द्वारा किये गये प्रमोशनल कार्यक्रम की चर्चाएं जिला मुख्यालय में चलती रहीं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेसंी ऑफ इंडिया को बताया कि शनिवार को रात ढलते ही उपनगरीय क्षेत्र स्थित एक होटल में नागपुर के एक निजि चिकित्सालय के द्वारा एक भोज का आयोजन किया गया था।

सूत्रों का कहना था कि इस भोज में देर रात तक सोडे की डकारें और धुंए के छल्ले दिखायी देते रहे। निजि चिकित्सालय के द्वारा सिवनी से मरीज़ों को अपनी ओर आकर्षित करने की गरज़ से इस भोज का आयोजन किया गया था। इस भोज में स्वास्थ्य विभाग के अनेक जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने भी शिकरत की जो चर्चा का विषय बनी रही।

सूत्रों ने कहा कि जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा लगभग दो माह पूर्व सीएमएचओ डॉ.के.सी. मेश्राम को निर्देशित किया गया था कि जिले में चिकित्सा करने वाले चिकित्सकों का पंजीयन सीएमएचओ कार्यालय में अनिवार्य रूप से कराया जाये, किन्तु जिलाधिकारी के इस आदेश को सीएमएचओ कार्यालय के द्वारा हवा में ही उड़ा दिया गया।

सूत्रों ने यह भी कहा कि हाल ही में सीएमएचओ कार्यालय के द्वारा महज़ 45 चिकित्सकों को पंजीयन न कराये जाने पर नोटिस जारी किये गये हैं, जबकि इससे ज्यादा चिकित्सक तो हर माह नागपुर से सिवनी आकर चिकित्सा कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस तरह से भोज आदि के जरिये उपकृत होने के बाद सीएमएचओ कार्यालय के द्वारा क्लीनिकल एस्टब्लिशमेंट एक्ट को ही गौड़ कर दिया जाता है। इन परिस्थितियों में जिलाधिकारी के द्वारा स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने की मुहिम पर प्रश्न चिन्ह लगने स्वाभाविक ही हैं।

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