राजधानी के लिये ही नहीं है सूत्र सेवा!

 

 

एक समय था जब चलती थीं अनेक यात्री बस!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले के हित संवर्धन का दावा करने वाले चुने हुए प्रतिनिधियों सहित सियासी बियावान में शोर करने वाले नेताओं को आईना दिखा रही है प्रदेश में संचालित होने वाली सूत्र सेवा यात्री बसें। सिवनी से राजधानी भोपाल के लिये एक भी सूत्र सेवा यात्री बस का संचालन नहीं किया जा रहा है।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के भोपाल ब्यूरो से अभय श्रीवास्तव ने बताया कि राजधानी से दूसरे शहरों को बस सेवा से जोड़ने के लिये सूत्र सेवा के तहत 56 बसों की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के पास गत मई महीने में 75 बसें आयी थीं। आरटीओ से परमिट होते ही बची हुई 19 बसें भी उतारी जायेंगी।

परिवहन विभाग के अनुसार 34 शहरों (इनमें सिवनी का शुमार नहीं है) में कुल 110 बसों का संचालन होना है। इसमें 62 एसी और 48 नॉन एसी बसें शामिल हैं। बीसीएलएल ने सूत्रसेवा की बसों का संचालन चार्टर्ड स्पीड प्राईवेट लिमिटेड और श्री दुर्गम्मा ट्रांस-वे प्राईवेट लिमिटेड को सौंपा है।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जून 2018 में इंदौर से सूत्र सेवा की शुरुआत की थी। शुरुआत में बीसीएलएल ने भोपाल से जबलपुर के लिये दो बसें आरंभ की थीं। इसके बाद भोपाल से छिंदवाड़ा, अशोक नगर, आष्टा के लिये चालू हुईं। अब धीरे – धीरे 22 शहरों के लिये बसों की संख्या 56 तक पहुँच चुकी है।

भोपाल से इन शहरों के लिये आरंभ हुई बस सेवा : परिवहन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भोपाल से नीचम, खिलचीपुर, झाबुआ, खरगौन, सेंधवा, गोरेगाँव, अलीराजपुर, रतलाम, उज्जैन, गंजबासौदा, गुना, चतरा, राजनगर, सिरोंज, सिलवानी, बैतूल, पांढुर्ना, सारणी के लिये सूत्र सेवा को आरंभ किया गया है, विडंबना ही कही जायेगी कि इसमें सिवनी जिला शामिल नहीं है।

मिलेंगी ये सुविधाएं : इस बस सेवा में आईटीएमएस, उपकरणों जैसे जीपीएस, पीआईएस, पीएएस आदि लगाये जाने का प्रावधान किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पैनिक बटन, कैमरा जैसे यंत्र लगे होने चाहिये। इन बसों को शहरों में बनाये कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के साथ पब्लिक ग्रिवेन्स सिस्टम तथा हेड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर से लिंक किया जाना था। साथ ही यात्रियों को सिंगल टिकिट सिस्टम वेबसाईट और मोबाईल एप्लिकेशन की सुविधा भी प्रदान की जानी है।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि अस्सी के दशक तक सिवनी से भोपाल जाने के लिये बालाघाट भोपाल ही एकमात्र यात्री बस हुआ करती थी। इसके बाद सिवनी से इंदौर यात्री बस को आरंभ किया गया था। स्व.हरवंश सिंह जब प्रदेश के परिवहन मंत्री बने तब उनके विधान सभा क्षेत्र मुख्यालय केवलारी से इंदौर के लिये एक यात्री बस एवं सुबह पाँच बजे भी सिवनी से भोपाल एक यात्री बस को आरंभ करवाया गया था।

वर्तमान में जन प्रतिनिधियों की कथित अनदेखी के चलते प्रदेश में आरंभ की गयी सूत्र सेवा यात्री बस में सिवनी से भोपाल के लिये एक भी यात्री बस का संचालन नहीं किया जा रहा है, जबकि निजि तौर पर पर्यटक या नेशनल परमिट पर दर्ज़नों यात्री बसों का संचालन किया जा रहा है।

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