मण्डी कर्मचारियों को वेतन के लाले!

 

 

मनमानी पर उतारू मण्डी प्रशासन के चलते बिगड़े हालात

(सादिक खान)

सिवनी (साई)। जिला मुख्यालय से लगे सिमरिया ग्राम में स्थित कृषि उपज मण्डी प्रशासन से अब मण्डी की व्यवस्थाएं सम्हाले नहीं सम्हल रही हैं। आलम यह है कि मण्डी प्रशासन के पास अपने ही कर्मचारियों को वेतन देने के लिये पैसे नहीं बचे हैं। अब तक जून माह का वेतन भुगतान न हो पाने के कारण कर्मचारी आर्थिक तंगी के दौर से गुज़र रहे हैं।

जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मण्डी सिमरिया की आय लगातार घट रही है। अनुबंध पत्र जारी करने में बरती जा रही उदासीनता के कारण नौबत यह आ गयी है कि मण्डी प्रशासन के पास कर्मचारियों का भुगतान करने के लिये भी राशि नहीं बची है। मण्डी प्रशासन की आय घटने व राजस्व में बढ़ौत्तरी न होने के कारण कर्मचारियों को जून माह का वेतन तक भुगतान नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि पिछले साल प्रदेश की बी ग्रेड की मण्डियों में शामिल सिमरिया कृषि उपज मण्डी को उत्कृष्ट कार्य के लिये चार लाख रूपये के नकद पुरूस्कार व शील्ड से सम्मानित किया गया था लेकिन वर्तमान में मण्डी की व्यवस्था लड़खड़ाती हुई दिखायी दे रही है।

14 लाख बना वेतन, मण्डी के पास हैं 04 लाख : प्राप्त जानकारी के मुताबिक कृषि उपज मण्डी को संचालित करने 40 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों को हर माह लगभग 14 लाख रूपये का वेतन मण्डी को प्राप्त राजस्व की विभिन्न निधियों से किया जाता है। वर्तमान में जरूरी खर्चों व निधियों का भुगतान करने के बाद मण्डी समिति के खाते में साढ़े चार लाख रूपये शेष बचे हैं। मण्डी के लेखापाल विकास डहेरिया ने बताया कि खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण कर्मचारियों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।

छोटी मण्डियों की बढ़ी आय : कृषि उपज मण्डी समिति सिवनी के पूर्व व्यापारी सदस्य नरेश अग्रवाल ने बताया कि मण्डी प्रशासन व्यापारियों को अनुबंध पत्र जारी करने में उदासीनता बरत रहा है। व्यापारियों को अनुबंध पत्र जारी करने में बरती जा रही लापरवाही से मण्डी को लाखों रूपये के राजस्व की क्षति हो रही है। इससे सिमरिया कृषि उपज मण्डी की आय में कमी हुई है जबकि जिले की छोटी कृषि उपज मण्डियां व्यापारियों को अनुबंध पत्र जारी कर आय बढ़ा रही हैं।

दूसरी मण्डी क्षेत्र में जा रहा अनाज : पूर्व व्यापारी सदस्य के मुताबिक मण्डी द्वारा कम संख्या में अनुबंध जारी करने से आसपास के ग्रामीण इलाकों के किसान अनाज को दूसरी मण्डी क्षेत्र में ले जाकर व्यापारियों को बेच रहे हैं। इससे सिवनी कृषि उपज मण्डी को मिलने वाले राजस्व को क्षति हो रही है। इस संबंध में मण्डी सचिव सुरेश परते से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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