जोड़ों के दर्द के लिए अपनाएं ये उपाय

 

 

इस योग से गठिया का वह रोगी जिसने खाट पकड़ ली हो वह भी स्वस्थ हो जाता है। कमर-दर्द, हाथ पावं जंघाओं का दर्द एवं दुर्लब्ता मिटती है। यह एक उच्च कोटि का टॉनिक है। तो आइये जाने इस प्रयोग के बारे में।

बथुआ के ताजा पत्तो का रस पंद्रह ग्राम प्रतिदिन पीने से गठिया दूर होता है। इस रस में नमक चीनी आदि कुछ न मिलाएं। नित्य प्रात: खाली पेट ले या फिर शाम चार बजे। इसके लेने के आगे पीछ दो-दो घंटे कुछ न लें। एक-दो मास ये प्रयोग करे।

विशेष सहायक उपचार

आटा गूंधते समय उसमे बथुआ के पत्ते मिलाकर चपाती बनाये और दिन में एक समय खाए तो जल्दी लाभ होगा।

आज बढ़ते हुए तनाव, मानसिक थकान, चिंता, शारीरिक रोग ये सब असमय ही इंसान को बूढा बना देती हैं। भरी जवानी में इंसान बूढा नजर आने लगता हैं। अगर आप अपना योवन कायम रखना चाहते हैं तो आपको यथासंभव तनाव, चिंता को त्यागना होगा। कहा भी जाता हैं के चिंता से बड़ा कोई शारीरिक शत्रु नहीं हैं। योग करे, ध्यान करे, दोस्तों से मिले, बच्चो और बुजुर्गाे के साथ समय बिताये, किसी क्लब का सदस्य बनिए, हफ्ते में एक दिन गौशाला जाइए, किसी गरीब को खाना खिलाये। इस से आपकी तनाव और चिंता भाग जाएगी।

इसके साथ हम आज आपको बताने जा रहे हैं आयुर्वेद के एक ऐसे सदाबहार चूर्ण के बारे में जिसको खा कर आप सदा अपने आप को जवान और तंदुरुस्त महसूस करेंगे। बस इसको अपने दैनिक जीवन में शामिल करे।

आइये जानें इसको घर पर बनाने की विधि:

सामग्री

  1. सूखे आंवले का चूर्ण
  2. काले तिल (साफ कर के) इसका चूर्ण।
  3. भृंगराज (भांगरा) का चूर्ण।
  4. गोखरू का चूर्ण।

पहले ये सब 100, 100 ग्राम की मात्रा में ले कर मिला लीजिये, फिर इस में 400 ग्राम पीसी हुयी मिश्री मिला लीजिये। तत्पश्चात इसमें 100 ग्राम शुद्ध देशी गौ घृत (गाय का घी) मिला लीजिये और आखिर में इस में 200 ग्राम शहद मिला लीजिये। अब इस चूर्ण को किसी कांच के बर्तन में या घी के चिकने मिटटी के पात्र या चीनी के बर्तन में सुरक्षित रख ले। इस चूर्ण को एक चम्मच (5 ग्राम) की मात्रा में खाली पेट नित्य सेवन करे और ऊपर से गाय का दूध या गुनगुना पानी पीजिये।

सावधानी

घी और शहद परस्पर समान मात्रा में धीमे जहर का काम करते हैं। इसलिए इनकी समान मात्रा नहीं लेनी।

फायदे

इस चूर्ण से आपके शरीर का पूरा कायाकल्प हो जायेगा। यदि छोटी आयु में बाल झड़ गए हैं तो पुन: दोबारा उग आएंगे, अगर सफेद हो गए हैं तो काले हो जायेंगे, और वृद्धावस्था तक काले बने रहेंगे। ढीले दांत भी मजबूत बन जायेंगे। चेहरे पर कान्ति आ जाएगी। शरीर शक्ति शाली और बाजीकरण युक्त हो जाएगा। और कुछ ही दिनों में दुर्बल व्यक्ति भी अपना वजन पूरा कर शक्तिशाली बन जाता हैं।

परहेज

अंडा, मांस, मछली, नशीले पदार्थाे का सेवन एवं वीर्य नाश वर्जित हैं।

(साई फीचर्स)