छग की राज्‍यपाल बनीं उईके

 

 

 

 

सहायक प्राध्यापक से छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद तक पहुंची हैं अनुसुइया उइके

(ब्‍यूरो कार्यालय)

छिंदवाडा (साई)। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद सुश्री अनुसुइया उइके को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनाए जाने की खबर मिलते ही आदिवासी बहुल तामिया सहित समूचे जिले में खुशी का माहौल है। उनके राज्यपाल बनने से इस क्षेत्र का गौरव बढ़ा है।

वे वर्ष 1982 में शासकीय महाविद्यालय तामिया में सहायक प्राध्यापक पदस्थ हुई थीं। उस दौर में यह महाविद्यालय जिस भवन में चलता था, वहां वर्तमान में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय है। वर्ष 1984 में वे शासकीय नौकरी से राजनीति में आ गईं और विधायक का चुनाव जीतकर तत्कालीन अर्जुनसिंह सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री बनीं। बाद में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली। फिर वे राज्यसभा सांसद रहीं।

इसके बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हुई। इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में वे टिकट की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाया था। उइके को राज्यपाल नियुक्त करने पर मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने शुभकामनाएं दी हैं।

संघ के पदाधिकारी अनिल केचे ने बताया कि संघ की सक्रिय कार्यकता रहीं सुश्री उइके ने एक के बाद एक नई सफलता प्राप्त करने के बाद भी हमेशा तामिया से अपना जुड़ाव रखा है। उनकी सफलता से अनुसुचित जनजाति और कमजोर वर्ग के लोगों का मान बढ़ा है।

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