सर्पदंश पीड़ितों को नहीं मिला उपचार : मौत

 

 

 

चमड़े के सिक्के चला रहे अस्पताल में चिकित्सक

(ब्यूरो कार्यालय)

लखनादौन (साई)। जिलाधिकारी प्रवीण सिंह बार – बार लखनादौन में अस्पताल का दौरा कर रहे हैं पर लखनादौन में सालों से अंगद के पांव के मानिंद जमे चिकित्सकों को जिलाधिकारी का भय भी नहीं रह गया दिखता है। बीती रात सर्पदंश से पीड़ित एक महिला और एक पुरूष की उपचार के अभाव में मौत हो गयी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बैगा पिपरिया निवासी रामकुमार (42) पिता प्यारे लाल एवं ऊषा बाई (38) पति वासुदेव निवासी सहजपुरी, गणेशगंज को मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात में सर्पदंश के चलते सिविल अस्पताल लखनादौन में दाखिल करवाया गया था।

बताया जाता है कि मध्य रात्रि अस्पताल पहुँचे दोनों महिला पुरूष के उपचार के लिये उस रात कॉल ड्यूटी पर तैनात डॉ.वीथी जैन को बार – बार बुलाये जाने पर भी वे नहीं पहुँचीं। मृतकों के परिजनों के द्वारा बार – बार चिकित्सक को बुलाये जाने की गुहार अस्पताल में मौजूद स्टाफ से की जाती रही किन्तु वे अस्पताल नहीं पहुँचीं।

मरीज़ों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कॉल ड्यूटी पर डॉ.वीथी जैन अगर रात को समय पर पहुँचकर जरूरी वैक्सीन के डोज़, मरीज़ों को दे देतीं तो मरीज़ों की जान बचायी जा सकती थी। इसके बाद मरीज़ के परिजनों ने अस्पताल में जमकर बवाल काटा।

बताया जाता है कि इस हंगामे की जानकारी जिलाधिकारी प्रवीण सिंह को मिली। प्रवीण सिंह के निर्देश पर लखनादौन के अनुविभागीय अधिकारी अंकुर मेश्राम अस्पताल पहुँचे वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.के.सी. मेश्राम एवं जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ.मधु सूदन धर्डे भी सिविल अस्पताल पहुँच गये।

इस बात की जानकारी मिलते ही सुबह से ही सिविल अस्पताल में लोगों का हुज़ूम लगना आरंभ हो गया। लोगों के हुज़ूम को देखते हुए सिविल अस्पताल को पुलिस के द्वारा छावनी में तब्दील कर दिया गया। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अंकुर मेश्राम के द्वारा किसी तरह परिजनों को शांत करवाया गया।

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