अच्छी बारिश के लिये निकाली मेंढक की बारात

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिले में बारिश न होने की स्थिति को देखते हुए ढीमर समाज के लोगों ने खास पूजन पाठ किया। इंद्रदेव को खुश करने के लिये समाज के लोगो ने मेंढक – मेंढकी की पूजा कर शहर में बारात निकाली।

मान्यता है है कि मेंढक रानी को इंद्रदेव पानी देंगे। इसीलिये उनकी भव्य बारात निकाली गयी। नगर के ढीमरी मोहल्ला में समाज के सभी लोगों ने विधि विधान के साथ पूजन पाठ किया। बकायदा पालकी रूपी झाँकी सजायी गयी। उसमें मेंढक मेंढकी को बैठाकर नगर के विभिन्न मार्गों से बारात निकाली गयी।

बारात में खास यह भी रहा कि छोटे से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं पर टैंकरों से पानी बीच – बीच में डाला जाता रहा। वहीं झाँकी के सामने छोटे बच्चे नग्न होकर नृत्य करते रहे। ज्ञातव्य है कि इस तरह का आयोजन जिले के कई क्षेत्रों में भी किया गया। इसमें छपारा, चंदोरी और अन्य क्षेत्रों में पूजन पाठ कर अच्छी बारिश के लिये प्रार्थना की गयी। पूर्व के सालों में भी बारिश नहीं होने पर इसी तरह मेंढक की बारात निकाली गयी थी।

मेंढक रानी पानी दे धान, कोदो पकन दे इस कहावत को लेकर गुरुवार को सिवनी मठ मंदिर से बारात निकालकर मेंढक – मेंढकी की शादी करवायी गयी। वहीं अच्छी बारिश होने के लिये मठ मंदिर में अनुष्ठान भी किया गया। इस आयोजन के पीछे मान्यता है कि मेंढक – मेंढकी की शादी कराने से इंद्रदेव प्रसन्न हो जाते है जिससे अच्छी बारिश होती है।

मेंढक को पिलाते रहे पानी : बारात से लेकर मंदिर पहुँचते तक लोगों के द्वारा मूसर में बांधे गए मेंढक – मेंढकी को पानी भी पिलाया जाता रहा ताकि वे जिंदा रह सकंे और उनकी शादी संपन्न हो सके। ग्रामीणों के अनुसार मेंढक को तरसा – तरसा कर पानी पिलाने के पीछे मान्यता है कि मेंढक जितना तड़फते हैं, भगवान इंद्रदेव को उतना ही दर्द होता है। मेंढक की इस तड़फन को दूर करने के लिये भगवान इंद्रदेव बारिश करने लगते हैं।