किसानों ने छुई में भरी हुंकार

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

कान्हीवाड़ा (साई)। किसानों की बर्बाद हुई फसल का मुआवजा न मिल पाने के चलते किसानों ने ब्रहस्पतिवार को छुई में हुंकार भरी है।

ज्ञातव्य है कि गत वर्ष 13 फरवरी को सिवनी जिल में लगभग 283 गाँवों में भीषण ओलावृष्टि हुई थी, जिससे किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुँचा था। इस नुकसानी का जायजा तत्कालीन कलेक्टर गोपाल चंद डाड एवं राजस्व अमले के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भी किया गया था। सहायता के रूप में प्रभावित किसानों को आरबीसी 6-4 के तहत सहायता भी दी गयी थी।

सिवनी तहसील के राजस्व निरीक्षक मण्डल भोमा के अंतर्गत लगभग 111 गाँव आते हैं जिसमें लगभग 77 गाँव के किसानों की फसल नष्ट हुई थी। इसमें सें 55 गाँव गौण्डी हिनोतिया, खुर्सीपार, चंदनवाड़ा कला, चंदनवाड़ा खुर्द, पुंगार, थांवरी, भाटा, रडहाई, टेकारांजी, किरकीरांजी, नरवाखेड़ा, हिनोतिया, आमाकोला, जामुनटोला, मुहबेली, ढेका पांजरा, छुई, मोहगाँव, कतरवाड़ा, सिंगौड़ी, उमरिया, बाम्हनवाड़ा, भोमाटोला, पिण्डरई, कन्हान पिपरिया एवं पद्दीकोना आदि ग्राम के हजारों प्रभावित कृषकों को आज तक नष्ट हुई फसल की बीमा राशि अप्राप्त है।

इस संबंध में अनेक बार कृषकों के द्वारा बार – बार जन प्रतिनिधियों एवं जिला कलेक्टर को अवगत करवाया गया परंतु संतुष्टि पूर्ण जवाब न मिल पाने से प्रभावित कृषक गणों में आक्रोश व्याप्त रहा जिसे लेकर प्रभावित किसानों ने कान्हीवाड़ा उप तहसील मुख्यालय में एक मीटिंग रखी थी तथा रैली निकालकर नारे लगाते हुए पुलिस थाना कान्हीवाडा पहुँचकर जिला कलेक्टर के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में बीमा राशि के तत्काल भुगतान करवाने की माँग की गयी।

किसानों के पाँच दिन के अल्टीमेटम के पूरे होने के बाद ब्रहस्पतिवार को किसानों ने आंदोलन आरंभ किया है। किसानों का कहना है कि यह आंदोलन 22 तारीख तक जारी रहेगा और अगर समस्या का निदान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जायेगा।