चायनीज सिगरेट का बढ़ा चलन!

 

 

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। अन्य जिलों की तरह जिले में भी चायनीज सिगरेट का चलन बढ़ता दिख रहा है। शालाओं के आसपास से पान तंबाखू की दुकानें प्रशासन के द्वारा नहीं हटायी जा पा रही हैं।

युवाओं के बीच चल रहीं चर्चाओं के अनुसार स्कूल कॉलेज के आसपास ई – सिगरेट का चलन बढ़ गया है। कॉलेज के युवा ई – सिगरेट की गिरफ्त में आ रहे हैं। पान ठेलों और खोमचे वालों की आड़ में युवा खुलकर ई – सिगरेट से धंुआ उड़ा रहे हैं। सिगरेट स्वास्थ्य के लिये हानिकारक तो है ही लेकिन इस बात की परवाह नहीं करते हुए युवा अब ई – सिगरेट की ओर आकर्षित हो गये हैं। ये युवा चोरी छुपे इस सिगरेट का इस्तेमाल करके अपने स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि महानगरों की तर्ज पर सिवनी में भी हुक्का का चलन तेजी से बढ़ा है। जिला मुख्यालय में ही अनेक स्थानों पर अवैध रूप से हुक्का बार संचालित हो रहे हैं। पुलिस के द्वारा कुछ हुक्का बारों पर छापे भी मारे गये थे। इसके बाद भी जिला मुख्यालय में हुक्का बार का संचालन चोरी छुपे चल ही रहा है।

चिकित्सकों के अनुसार तंबाकू से घातक नशा फ्लैवर का होता है। तंबाकू में निकोटिन है लेकिन फ्लेवर में ईशर होने की वजह से यह फेफड़ के लिये ज्यादा खतरनाक है। फ्लेवर का ईथरीय बेस और उसमें सुगंध के लिये मिश्रित किया गया कैमिकल जलने के साथ अन्य यौगिक तैयार कर देते हैं।

इसी तरह चिकित्सकों के अनुसार इससे ऐसी सिगरेट पीने वाले इसके आदी हो जाते हैं और उनके फेफड़ों की दीवारों में धुंए में मिश्रित यौगिक चिपकने लगता है।