किसानों का आमरण अनशन हुआ आरंभ

 

 

किसानों के बीच पहुँचे विधायक राकेश पाल

(आगा खान)

कान्हीवाड़ा (साई)। ओलावृष्टि के मुआवजे के लिये लगभग डेढ़ साल से भटक रहे किसानों ने छुई में आमरण अनशन आरंभ कर दिया है। शनिवार को अनशन कर रहे किसानों के बीच केवलारी के युवा तुर्क विधायक राकेश पाल सिंह पहुँचे और उन्होंने किसानों की माँगों को जायज ठहराते हुए उनका साथ देने की बात कही।

विधायक राकेश पाल सिंह का कहना था कि किसानों की माँग पूरी तरह जायज है और उनके द्वारा इस मामले को विधान सभा के पटल पर पुरजोर तरीके से रखने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि देश का अन्नदाता किसान ही देश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है और किसानों के साथ अन्याय वे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।

इधर भाजपा द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश सरकार के उपेक्षा पूर्ण व्यवहार के चलते आज किसान, अपनी नष्ट हुई फसल की बीमा राशि के लिये भटक रहे हैं। विधान सभा में उनके द्वारा उठाये गये प्रश्नों के प्रतिउत्तर में प्रदेश सरकार गोलमोल जवाब देकर पीड़ित किसानों की समस्याओं से पल्ला झाड़ना चाह रही है। सरकार का यह रवैया बेहद दुःखद है। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित किसानों के आक्रोश व व्यथा को समझते हैं और उनकी समस्याओं के निदान के लिये अपने प्रयास जारी रखेंगे।

उन्होंने आंदोलनकारी कृषकों को उनके द्वारा अब तक की गयी कार्यवाही से अवगत कराते हुए बताया कि उन्होंने 15 जुलाई को विधान सभा में प्रश्नकाल के दौरान अपने लिखित प्रश्न के माध्यम से यह जानना चाहा था कि गत वर्ष फरवरी 2018 में केवलारी विधान सभा क्षेत्र के कितने किसानों को ओलावृष्टि से नुकसान पर बीमा राशि का भुगतान किया गया एवं किसानों को यह राशि किस मानदण्ड के अनुसार दी गयी तथा जिन किसानों को अभी तक बीमा राशि का भुगतान नहीं हुआ है वह कब तक होगा।

विधायक श्री पाल ने कृष्कों को जानकारी देते हुए बताया कि उनके द्वारा 17 जुलाई को पुनः ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सदन में सरकार से आग्रह करते हुए कहा गया कि राजस्व निरीक्षण मण्डल भोमा के अंतर्गत 111 गाँव आते हैं जिनमें 77 गाँवों के किसानों की फसल नष्ट हुई थी इनमें से 29 गाँवों के हजारों प्रभावित कृषकों को आज तक फसल बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई है जिससे परेशान किसानों में आक्रोश व्याप्त है और वे आंदोलन के लिये विवश हो रहे हैं अतः उपरोक्त विषय पर गंभीरता पूर्वक विचार कर किसानों के खेत में फसल बीमा राशि प्रदाय कराये जाने हेतु कार्यवाही की जाये।

श्री पाल ने कहा की यह भी दुःख की बात है कि सरकार के प्रदेश सरकार के लचर रवैये के चलते आज तक किसानों को फसल बीमा की राशि मिल नहीं पायी है, आश्चर्य की बात यह बात भी सामने आयी है कि ऐसे अनेक एसे किसानों को यह राशि प्राप्त हुई है जिन्होंने आवेदन ही नहीं किया था जबकि बड़ी संख्या में फसल नष्ट होने के पश्चात आवेदन करने वाले कृषक आज तक फसल बीमा राशि के लिये भटक रहे हैं।

श्री पाल ने किसानों से मिलने के पश्चात जिला कलेक्टर से भी वार्ता की तथा उनके ध्यान में पूरी बातें लाते हुए कहा कि किसानों के उग्र आंदोलन और आगे कोई विकट रूप ले सकता है। विवश किसान आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं अतः शीध्र उचित पहल कर किसानों की समस्याओं के निदान में अपनी ओर से प्रयास करें। इस पर जिला कलेक्टर द्वारा श्री पाल को आश्वासन दिया गया कि वे सोमवार को संबंधित फसल बीमा कंपनी से चर्चा कर इस मामले को सुलझाने के लिये अपनी ओर से हरसंभव प्रयास करेंगे।