सिवनी में मेडिकल कॉलेज़

 

 

(शरद खरे)

यह खबर निश्चित तौर पर सिवनी के लोगों के लिये राहत भरी हो सकती है कि आने वाले दो तीन सालों में सिवनी जिले में आयुर्विज्ञान महाविद्यालय आरंभ हो जायेगा। कहा जा रहा है कि 2021 के अंत तक यह अस्तित्व में आ जायेगा। इसके आरंभ होने से सिवनी में विकास के रास्ते खुलेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।

देखा जाये तो सिवनी की झोली में यह सौगात 2013 में काँग्रेसनीत संप्रग सरकार के द्वारा अनायास ही डाल दी गयी थी। इस सौगात का श्रेय लेने का प्रयास जिस किसी के भी द्वारा किया जा रहा हो, पर इसकी बुनियाद 2013 में ही डल गयी थी। इस मेडिकल कॉलेज़ को लेकर 2013 में ही पत्राचार आरंभ हुआ था।

यह मसला चूँकि केंद्र सरकार का है। वर्तमान में केंद्र में भाजपा की सरकार है। सिवनी जिले के दोनों सांसद बोध सिंह भगत और फग्गन सिंह कुलस्ते भी भाजपा के ही हैं। इनमें फग्गन सिंह कुलस्ते केंद्र में मंत्री हैं, जिनके द्वारा आसानी से ही इस मामले में आने वाली सारी बाधाओं को दूर किया जा सकता है।

इसके अलावा प्रदेश में काँग्रेस की सरकार है। यह योजना काँग्रेसनीत केंद्र सरकार की थी इसलिये काँग्रेस अगर चाहे तो इसे समय सीमा में पूरा करवाकर सिवनी में मेडिकल कॉलेज़ आरंभ करवाकर इसका पॉलीटिकल माईलेज़ भी ले सकती है। काँग्रेस के दो विधायक योगेंद्र सिंह और अर्जुन सिंह इस बात को सरकार के समक्ष वजनदारी से रख सकते हैं।

सिवनी शहर का विकास मानो अवरूद्ध हो गया है। नयी बसाहट की दरकार सिवनी में महसूस की जा रही है। शहर में ज्यारत नाका, अपर बैनगंगा कॉलोनी, बरघाट रोड रेलवे क्रॉसिंग, नागपुर रोड पर जोड़ा पुल, छिंदवाड़ा रोड पर बायपास के आगे बसाहट नहीं के बराबर मानी जा सकती है।

नया मेडिकल कॉलेज़ अगर अस्तित्व में आता है तो इसके लिये भवन बनेगा, विद्यार्थी आकर रहेंगे। इस सबसे लोगों को रोजगार के साधन मुहैया होंगे। मेडिकल कॉलेज़ जहाँ भी हैं उसके आसपास दुकानों में ग्राहकों की भीड़ देखी जा सकती है। वैसे भी उद्योग धंधों को शहर तरस रहा है। कम से कम मेडिकल कॉलेज़ के आने से शहर का कुछ हित सध सकेगा।

आने वाले दो तीन सालों में अगर ब्रॉडगेज़ की सीटी सिवनी में बज गयी तो यह सोने में सुहागा ही साबित होगा। इस लिहाज़ से जिले के दोनों सांसदों सहित, चारों विधायकों से अपेक्षा की जा सकती है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर सिवनी को एक मेडिकल कॉलेज़ की सौगात जल्द से जल्द दिलवायें ताकि आने वाली पीढ़ी उनके नाम को याद रख सके।

इसके लिये संवेदनशील जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह से भी जनापेक्षा है कि वे भी अपने स्तर पर इस काम को युद्ध स्तर पर आगे बढ़वाने के लिये प्रयास करें ताकि यह जल्द से जल्द आकार ले सके।