पिछले 5 साल में नहीं आया कोई विदेशी निवेश

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। प्रदेश में पिछले 5 सालों में न कोई विदेशी निवेशक आया और न ही निवेश आया। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत पिछले 5 वर्षों में किसी विदेशी घराने द्वारा निवेश नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने आज विधानसभा में यह जानकारी विधायक हर्ष विजय गहलोत के एक सवाल के लिखित जवाब में दी। उन्होंने बताया कि तथापि 5 इकाइयों द्वारा 267.63 करोड़ रूपए का प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश किया गया है एवं एक इकाई द्वारा चार मिलियन (यूएस डॉलर) का विदेश पूंजी निवेश क्रियान्वयन की अवस्था में है।

उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए इन्वेस्टमेंट ड्राइव के अंतर्गत विदेश, देश-प्रदेश में इंवेस्टर समिट रोड शो आयोजित किए जाते है एवं यह कार्यक्रम एक सतत प्रक्रिया है।

प्रदेश में 7 करोड़ 67 लाख नागरिकों के आधार कार्ड बने : मध्य प्रदेश में कुल 7 करोड़ 67 लाख 92 हजार 633 नागरिकों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में अधिकृत बैंकों एवं पोस्ट ऑफिस तथा राज्य सरकार द्वारा जिला ई गवर्नेंस सोसायटी के माध्यम से स्थापित आधार केंद्रों द्वारा आधार पंजीयन का कार्य किया जा रहा है।

51 जिलों में 1949 आधार केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिन केंद्रों पर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। उनकी संख्या आबादी के मान से पर्याप्त न होने से भारत सरकारए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में अधिकृत बैंकों में स्थापित आधार केंद्रों के माध्यम से आधार पंजीयन का कार्य किया जाता है।

4188 सहकारी संस्थाएं प्रशासकों के हवाले : मध्य प्रदेश की 4188 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में प्रशासक हैंए इनमें से 38 संस्थाओं में उच्च न्यायालय के स्थगन के आधार पर अशासकीय प्रशासक कार्यरत हैं। अधिकांश समितियों में दिनांक 16 नवंबर 2018 से शासकीय प्रशासक कार्यरत हैं।

समितियों के निर्वाचन संपन्न होने तक प्रशासक कार्यरत रहेंगे। सहकारिता मंत्री डॉण् गोविंद सिंह ने यह जानकारी आज विधानसभा में विधायक अनिरूद्ध मारू के सवाल के लिखित जवाब में दी। उन्होंने बताया कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तहत एनपीए किसानों की ऋण माफी में 4439 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में राशि दो हजार 284 करोड़ अपलेखन योग्य है। सहकारी बैंकों एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राज्य शासन द्वारा वर्ष 2018.19 में एक हजार करोड़ की अंशपूंजी उपलब्ध कराई गई है।